ब्रिक्स संसदीय फोरम

ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में 4 से 5 जून को आयोजित ब्रिक्स संसदीय फोरम में जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की गई तथा सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक रूप से कार्रवाई करने पर सहमति व्यक्त की।

ब्रिक्स संसदीय फोरम के बारे में

  • परिचय : यह एक अंतर्राष्ट्रीय मंच है जो ब्रिक्स देशों की संसदों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।
  • स्थापना : वर्ष 2015 में मॉस्को, रूस में
  • उद्देश्य : संसदीय कूटनीति के माध्यम से वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श, नीति निर्माण व सहयोग को मजबूत करना।
  • सदस्य देश : ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान एवं संयुक्त अरब अमीरात

BRICS

  • सहयोग क्षेत्र
    • वैश्विक शासन : समावेशी एवं टिकाऊ वैश्विक शासन को बढ़ावा देना, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के हितों को ध्यान में रखते हुए।
    • आर्थिक सहयोग : व्यापार, निवेश एवं वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देना, जैसे राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार और सुरक्षित वित्तीय तंत्र विकसित करना।
    • सतत विकास : जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श।
    • सामाजिक समावेशन : महिलाओं, युवाओं एवं समाज के कमजोर वर्गों के लिए नीतियों को बढ़ावा देना।
    • आतंकवाद के खिलाफ सहयोग : आतंकवाद को वैश्विक खतरे के रूप में मान्यता देते हुए इसके उन्मूलन के लिए एकजुट प्रयासों पर जोर देना।

भारत एवं ब्रिक्स संसदीय फोरम

  • भारत ने वर्ष 2016 में जयपुर में प्रथम ब्रिक्स महिला सांसद फोरम की मेजबानी की, जहाँ ‘जयपुर घोषणा’ को अपनाया गया, जिसमें सतत विकास व लैंगिक समानता पर जोर दिया गया।
  • वर्ष 2025 में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ब्रासीलिया में 11वें फोरम में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को वैश्विक समर्थन दिलाया।
  • भारत को वर्ष 2026 में 12वें फोरम की मेजबानी का दायित्व मिला है जो भारत की संसदीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रमुख थीम एवं चर्चाएँ

ब्रिक्स संसदीय फोरम विभिन्न वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर केंद्रित करता है। 11वें फोरम (2025) में निम्नलिखित प्रमुख थीम शामिल थीं:

  • वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग : स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
  • आर्थिक विकास : व्यापार, निवेश एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए नए मार्ग
  • जलवायु एवं स्थिरता : जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा पर संवाद
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) : जिम्मेदार एवं समावेशी AI शासन
  • शांति एवं सुरक्षा : बहुपक्षीय शांति व सुरक्षा ढांचे में सुधार
  • महिला सशक्तिकरण : डिजिटल अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और अधिकार संरक्षण।

निष्कर्ष

ब्रिक्स संसदीय फोरम एक गतिशील मंच है जो संसदीय कूटनीति के माध्यम से वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देता है। यह सदस्य देशों को वैश्विक चुनौतियों जैसे आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक असमानता से निपटने के लिए एकजुट करता है। भारत की सक्रिय भागीदारी और वर्ष 2026 में मेजबानी का दायित्व इस फोरम में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

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