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प्लासर की क्विक रिलेइंग सिस्टम

हाल ही में, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने मशीनीकृत ट्रैक नवीनीकरण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। एन.एफ.आर. ने प्लासर की क्विक रिलेइंग सिस्टम का उपयोग करते हुए एक ही दिन में 1,033 मीटर ट्रैक बिछाकर अब तक का सर्वोच्च एकल-दिवसीय उत्पादन दर्ज किया। 

प्लासर की क्विक रिलेइंग प्रणाली के बारे में 

  • यह एक अत्याधुनिक अर्ध-स्वचालित मशीन आधारित प्रणाली है, जिसे रेलवे ट्रैक को तेज़ी से बदलने के लिए विकसित किया गया है। 
  • इसका मुख्य उद्देश्य ट्रैक नवीनीकरण की प्रक्रिया को गति देना, यातायात में होने वाले व्यवधान को न्यूनतम रखना तथा रेलवे की सुरक्षा, विश्वसनीयता और रखरखाव क्षमता को बेहतर बनाना है।  

प्रमुख विशेषताएँ

  • इस प्रणाली में स्व-चालित पोर्टल क्रेनें शामिल होती हैं जो 3400 मिमी. गेज वाले सहायक ट्रैक पर चलती हैं। इस सहायक ट्रैक की केंद्र रेखा उसी ट्रैक के समान होती है जिसे बदला जाना होता है।
  • ये क्रेनें बोगी फ्लैट वैगन (BFR) से स्वयं ही सामग्री को लोड एवं अनलोड करने में सक्षम होती हैं।
  • नवीनतम मॉडल 9 टन तक का भार उठाने में सक्षम हैं तथा 13 मीटर लंबे पी.आर.सी. स्लीपर पैनलों को संभाल सकते हैं।
  • इस प्रणाली का प्रयोग नई रेल पटरियों के निर्माण के साथ-साथ मौजूदा ट्रैक अवसंरचना के आधुनिकीकरण में भी किया जाता है।

लाभ

  • यह प्रणाली कम समय में लंबी दूरी के ट्रैक नवीनीकरण को संभव बनाती है जिससे यातायात पर प्रभाव कम पड़ता है।
  • मैन्युअल श्रम पर निर्भरता घटने और रखरखाव की जीवनचक्र लागत कम होने के कारण यह एक किफायती समाधान सिद्ध होती है।
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