हाल ही में, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास में गुणवत्ता आश्वासन व गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपभोक्ता मंत्रालय के गुणवत्ता आश्वासन एवं परीक्षण से संबंधित प्रमुख संस्थान ‘राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र’ के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौता ज्ञापन में एन.एच.ए.आई. के अधिकारियों, संबंधित हितधारकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने तथा सामग्री परीक्षण, गुणवत्ता आश्वासन व अवसंरचना प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रचलन को बढ़ावा देने के साथ ही क्षमता निर्माण और ज्ञान साझाकरण द्वारा संस्थागत सहयोग बढ़ाने का विचार शामिल है।
उद्देश्य
इसका उद्देश्य निर्माण सामग्री, उपकरणों एवं प्रणाली के स्वतंत्र और तृतीय-पक्ष परीक्षण द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में गुणवत्ता आश्वासन तथा गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र सुदृढ़ बनाकर निर्धारित मानकों और विशिष्टताओं का पालन सुनिश्चित करना है।
इसके तहत, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में उपयोग होने वाली सामग्रियों और उत्पादों का परीक्षण और प्रमाणीकरण सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी विनिर्देशों, भारतीय मानक ब्यूरो के नियमों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा।
इस कदम से राष्ट्रीय राजमार्ग की सभी परियोजनाओं में एकरूपता, मानकीकरण और नियामक अनुपालन सुनिश्चित हो सकेगा।
साझेदारी का महत्व
राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र, परियोजना निष्पादन में जटिल और महत्वपूर्ण मामलों में विशेषज्ञ परीक्षण, मूल्यांकन और तकनीकी परामर्श प्रदान कर एनएचएआई के मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों को भी तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
इसके अलावा, इस साझेदारी से एनएचएआई की सड़क सुरक्षा और संधारणीयता बढ़ाने की पहल को बल मिलेगा।
इसमें मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था सहित सुरक्षा की दृष्टि से अहम बुनियादी अवसंरचना बेहतर बनाने, विश्वसनीयता और ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और तकनीकी रूप से सक्षम परीक्षण संस्थान के साथ यह समझौता राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के गुणवत्ता आश्वासन ढांचे को सुदृढ़ बनाएगा और उसकी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दायित्व बढ़ाएगा।
दोनों प्रतिष्ठानों के बीच यह सहयोग देश भर में विश्वसनीय और विश्व स्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग ढांचा प्रदान करने में उच्चतम गुणवत्ता मानकों के पालन की एनएचएआई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का गठन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1988 के द्वारा किया गया था।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को अन्य छोटी परियोजनाओं सहित, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना का काम सौंपा गया है जिसमें 50,329 कि.मी. राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास, अनुरक्षण और प्रबंधन करना शामिल है।
मिशन
केंद्र सरकार द्वारा निहित राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, रखरखाव और प्रबंधन करना।
उचित प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहनों को नियमित और नियंत्रित करना।
भारत और विदेशों में परामर्श और निर्माण सेवाएं विकसित करना और प्रदान करना और राजमार्गों या किसी भी अन्य सुविधाओं के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के संबंध में अनुसंधान गतिविधियों को पूरा करना।
हाइवे का प्रयोग करने वालों के लिए ऐसी सुविधाएं और आराम प्रदान करना, जो प्राधिकरण के विचार में निहित है या सौंपी गई है, जो ऐसे राजमार्गों पर यातायात के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक है।
कार्यालयों या वॉर्कशॉपों का निर्माण और उन राजमार्गों पर या आसपास होटल, मोटल, रेस्तरां और रेस्ट-रूम को स्थापित करना और उन्हें बनाए रखना या उन्हें सौंपना
राजमार्गों से संबंधित मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देना
राजमार्ग विकास के लिए योजनाओं के निर्माण और कार्यान्वयन में किसी भी राज्य सरकार से ऐसे नियमों और शर्तों पर आपसी सहमति के लिए सहायता प्रदान करना।