New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 26th Sept. 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 26th Sept. 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

कैल्शियम कार्बाइड

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कैल्शियम कार्बाइड पर प्रतिबंध का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों को सचेत किया है।

कैल्शियम कार्बाइड के बारे में

  • रासायनिक सूत्र : CaC2 
  • उपयोग : प्राय: फलों (जैसे- आम) को कृत्रिम रूप से पकाने में।
  • उत्सर्जन : एसिटिलीन गैस का उत्सर्जन
    • इसमें आर्सेनिक एवं फास्फोरस के हानिकारक अंश होते हैं। इन्हें ‘मसाला’ (Masala) भी कहते हैं।
  • उत्पादन प्रक्रिया : औद्योगिक रूप से लगभग 2000 डिग्री सेल्सियस पर कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) एवं कोक (कार्बन) के मिश्रण से इलेक्ट्रिक-आर्क भट्टी में। 
  • औद्योगिक उपयोग : एसिटिलीन एवं कैल्शियम साइनामाइड (CaCN2) के उत्पादन में। 
  • रंग : शुद्ध कैल्शियम कार्बाइड रंगहीन 
    • हालाँकि, ग्रेड के आधार पर अधिकांश नमूनों का रंग काले से लेकर भूरा-सफ़ेद तक होता है।
  • विनियमन : खाद्य संरक्षा एवं मानक (बिक्री पर निषेध व प्रतिबंध) विनियम, 2011 के तहत फलों को पकाने के लिए इसके उपयोग पर प्रतिबंध
    • कैल्शियम कार्बाइड के सीधे संपर्क में आने पर फलों पर आर्सेनिक एवं फास्फोरस के अवशेष संभव।
  • दुष्प्रभाव : चक्कर आना, बार-बार प्यास लगना, जलन, कमजोरी, निगलने में कठिनाई, उल्टी एवं त्वचा पर अल्सर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ।

एथिलीन गैस : कैल्शियम कार्बाइड का विकल्प 

  • FSSAI ने भारत में फलों को पकाने के लिए एक सुरक्षित विकल्प के रूप में ‘एथिलीन गैस’ के उपयोग की अनुमति दी है।
  • एथिलीन फलों में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला एक हार्मोन है, जो रासायनिक एवं जैव-रासायनिक गतिविधियों से फल पकने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है।
  • कच्चे फलों को एथिलीन गैस से उपचारित करने से पकने की प्राकृतिक प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
  • एथिलीन गैस का उपयोग फसल, किस्म एवं परिपक्वता के आधार पर 100 ppm (100 μl/L) तक की सांद्रता में किया जा सकता है।
  • अन्य विकल्प के रूप में केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड एवं पंजीकरण समिति (CIB & RC) ने आम व अन्य फलों को पकाने के लिए एथेफॉन 39% SL को मंजूरी दी है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR