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अरुणाचल प्रदेश में चकमा-हाजोंग जनगणना

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, अरुणाचल प्रदेश में चकमा और हाजोंग जनजातियों की ‘नस्लीय जनगणना’ (Racial Profiling) को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में एक शिकायत दर्ज़ की गई है। 

चकमा व हाजोंग जनजाति

  • चकमा मंगोलाइड प्रजाति की जनजाति है, जो भारत में मुख्यत: अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में पाए जाते है। ये ‘चंगमा भजच’ या ‘चंगमा होधा’ बोलियाँ (बंग्ला भाषा की बोलियाँ) बोलते है।
  • हाजोंग भारतीय उपमहाद्वीप की मूल आदिवासी जनजाति है, जो मुख्यतः असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में रहते है। इस जनजाति ने गारो पहाड़ी क्षेत्र में ‘गीले खेत’ में खेती की अवधारणा का विकास किया है।
  • उल्लेखनीय है कि चकमा थेरवाद बौद्ध हैं और हाजोंग हिंदू हैं। ये वर्ष 1964 से 1966 के बीच वर्तमान बांग्लादेश से अरुणाचल प्रदेश में बस गए थे।

समस्याएँ

  • राज्य में रहने के लिये इनर लाइन परमिट की आवश्यकता।
  • भूमि स्वामित्वाधिकार का आभाव। 
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाभ के लिये संघर्ष और नस्लीय भेदभाव।
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