रक्षा सचिव के अनुसार, इस वर्ष (2026) भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथियों के रूप में यूरोपीय संघ के नेताओं एंटोनियो कोस्टा (यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष) और उर्सुला वॉन डेर लेयेन (यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष) को आमंत्रित किया गया है।
कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली 90 मिनट की गणतंत्र दिवस परेड इस बार ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में होगी। बीटिंग द रिट्रीट समारोह का मुख्य आकर्षण भी यही विषय होगा।
परेड में नई पहलें और प्रतीकात्मक बदलाव
रक्षा सचिव ने यह भी बताया कि वीआईपी संस्कृति को समाप्तकरने के उद्देश्य से परेड में शामिल कक्षों को भारत की प्रमुख नदियों के नाम पर रखा जाएगा, जबकि बीटिंग द रिट्रीट समारोह के कक्षों का नाम विभिन्न वाद्य यंत्रों के अनुसार होगा।
पहली बार यूरोपीय नौसेना दल भी परेड में भाग लेगा। इस वर्ष की परेड में कई नई सैन्य प्रदर्शनियाँ पहली बार दिखायी जाएँगी, जिनमें भैरव बटालियन, शक्तिबाण रेजिमेंट, ड्रोन शक्ति और सार्वभौमिक रॉकेट लॉन्चर शामिल हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और मार्चिंग टुकड़ियाँ
समारोह की शुरुआत भारतीय युद्ध वाद्य यंत्रों के साथ 100 सांस्कृतिक कलाकारों की प्रस्तुति से होगी।
मार्चिंग टुकड़ियों में भैरव टुकड़ी और लद्दाख स्काउट्स ‘ऊंचा कदम ताल’ में भाग लेंगे।
वहीं ज़ांस्कर टट्टू, बैक्ट्रियन ऊंट और डॉग स्क्वाड भारत की विविध परिचालन क्षमताओं का प्रतिनिधित्व करेगी।
इस वर्ष की परेड में 18 परेड टुकड़ियाँ एवं 13 बैंड भाग लेंगे। फ्लाईपास्ट में राफेल, Su-30, P-8I, C-130, C-295, MiG-29, अपाचे, LCH, ALH व Mi-17 जैसे विमानों तथा हेलीकॉप्टरों को विभिन्न संरचनाओं में प्रदर्शित किया जाएगा।
‘वंदे मातरम' के विषय पर केंद्रित झांकियां
गणतंत्र दिवस-2026 का मुख्य विषय 'वंदे मातरम' होगा।
छह राज्यों और विभागों की झांकियां इस विषय को जीवंत रूप में पेश करेंगी। कलाकार तेजेंद्र कुमार मित्रा द्वारा बनाई गई पेंटिंग में ‘वंदे मातरम’ की पंक्तियाँ कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित होंगी और बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान बैंड इसकी धुन बजाएगा।
कुल मिलाकर, 30 झांकियां परेड में दिखाई देंगी जो 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से तथा 13 मंत्रालयों और सेवाओं से संबंधित होंगी।
इसके अलावा, 11 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भारत पर्व में भी भाग लेंगे। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति का एक शानदार उत्सव साबित होगा।