मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना- दिल्ली

चर्चा में क्यों ?

दिल्ली सरकार ने युवा सशक्तीकरण और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई योजना की घोषणा की है। यह कदम ओलंपिक और पैरालंपिक खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने और युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

 दिल्ली सरकार द्वारा एथलीटों के लिए नकद पुरस्कारों में बढ़ोतरी:

  • ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के पदक विजेताओं को अब मिलेगा बड़ा सम्मान और पुरस्कार:
    • स्वर्ण पदक विजेता: ₹7 करोड़ (पूर्व में ₹3 करोड़)
    • रजत पदक विजेता: ₹5 करोड़ (पूर्व में ₹2 करोड़)
    • कांस्य पदक विजेता: ₹3 करोड़ (पूर्व में ₹1 करोड़)
  • अब ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण या रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी सीधे 'ग्रेड-A' सरकारी पदों के लिए पात्र होंगे।
  • एशियाई और पैरा एशियाई खेलों के लिए नकद पुरस्कार:
    • स्वर्ण पदक: ₹3 करोड़
    • रजत पदक: ₹2 करोड़
    • कांस्य पदक: ₹1 करोड़

उद्देश्य:

  • खिलाड़ियों को आर्थिक संबल देना।
  • युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली और भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान।

विशेषताएँ:

  • पहली बार इतना बड़ा नकद प्रोत्साहन दिल्ली सरकार द्वारा दिया जा रहा है।
  • यह योजना सिर्फ पुरस्कारों तक सीमित नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के रोजगार और सामाजिक दर्जे को भी बढ़ावा देती है।
  • इससे खेल को पेशेवर करियर विकल्प के रूप में अपनाने वाले युवाओं की संख्या में वृद्धि हो सकती है।

प्रश्न - दिल्ली की ‘मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना’ के तहत ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेताओं को कितनी नकद राशि दी जाएगी?

(a) ₹3 करोड़

(b) ₹5 करोड़

(c) ₹7 करोड़

(d) ₹1 करोड़

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