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स्वच्छ एवं निष्पक्ष अर्थव्यवस्था समझौता

संदर्भ 

भारत ने स्वच्छ एवं निष्पक्ष अर्थव्यवस्था (Clean and Fair Economy) पर अमेरिका के नेतृत्व वाले इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क फॉर प्रॉसपेरिटी (IPEF) समूह के समझौतों पर हस्ताक्षर किए है। इस समझौते के दो भाग हैं- स्वच्छ अर्थव्यवस्था समझौता एवं निष्पक्ष अर्थव्यवस्था समझौता।

स्वच्छ अर्थव्यवस्था समझौता

  • यह समझौता स्वच्छ ऊर्जा विकास और जलवायु-अनुकूल प्रौद्योगिकी की तैनाती को सुविधाजनक बनाने पर केंद्रित है।
  • इसका उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने के लिए IPEF भागीदारों के प्रयासों में तेजी लाना है।
  • यह समझौता नवोन्मेषी रणनीतियों के विकास पर जोर देता है तथा टिकाऊ ऊर्जा समाधानों के समर्थन के लिए सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देता है।

निष्पक्ष अर्थव्यवस्था समझौता 

  • यह समझौता भ्रष्टाचार रोधी उपायों को मजबूत करने और सदस्य देशों के बीच कर (Tax) पारदर्शिता बढ़ाने पर केंद्रित हैं। 
    • निष्पक्ष अर्थव्यवस्था समझौता सदस्य बाजारों में व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक पारदर्शी व पूर्वानुमानित कारोबारी वातावरण बनाने पर केंद्रित है।
  • समझौते के मुख्य क्षेत्र  
    • सूचना साझाकरण में सुधार
    • परिसंपत्ति वसूली की सुविधा प्रदान करना
    • सीमा पार जांच और अभियोजन को मजबूत करना 
  • निवेश सुविधाएं : एक नए IPEF उत्प्रेरक पूंजी कोष के रूप में 3.3 बिलियन डॉलर तक के निजी निवेश को जुटाने का लक्ष्य है। 
    • इसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया एवं अमेरिका जैसे देशों से 33 मिलियन डॉलर का शुरुआती अनुदान प्राप्त होगा।
    • इसके अलावा IPEF ने वैश्विक अवसंरचना साझेदारी (Partnership for Global Infrastructure) निवेश के लिए यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन से 300 मिलियन डॉलर का शुरूआती निवेश त्वरक भी लांच किया है।

हिंद-प्रशांत आर्थिक ढाँचा (IPEF)

  • अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने पहली बार अक्तूबर 2021 में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में IPEF के बारे में चर्चा की थी।
  • मई 2022 में टोक्यो में औपचारिक रूप से IPEF का शुभारंभ किया गया था। इसका लक्ष्य क्षेत्र में विकास, शांति एवं समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए सदस्य देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव को मजबूत करना है।
  • IPEF के साझा उद्देश्यों में शामिल हैं : व्यापार सुविधा, डिजिटल अर्थव्यवस्था व प्रौद्योगिकी के लिए मानक, आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ता, डीकार्बोनाइजेशन एवं स्वच्छ ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और साझा हित के अन्य क्षेत्र।
  • IPEF में टैरिफ बाधाओं को कम करने जैसी बाजार पहुंच प्रतिबद्धताएँ शामिल नहीं हैं। यह एक पारंपरिक व्यापार समझौता नहीं है। 
  • इसमें विभिन्न पहलुओं को कवर करने वाले विभिन्न मॉड्यूल (चार स्तंभ) शामिल हैं : 
    • निष्पक्ष एवं लचीला व्यापार
    • आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ता
    • स्वच्छ अर्थव्यवस्था (बुनियादी ढांचा एवं डीकार्बोनाइजेशन)
    • निष्पक्ष अर्थव्यवस्था (कर एवं भ्रष्टाचार रोधी)
  • सदस्यों को इन चार मॉड्यूल्स में से चुनने का विकल्प होता है। हालाँकि, सदस्य देश हस्ताक्षरकर्ता होने के बावजूद सभी चार स्तंभों को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं।
  • सदस्य : IPEF के 14 भागीदार देश हैं जिनमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, फिजी, इंडोनेशिया, जापान, कोरिया गणराज्य, मलेशिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम और अमेरिका शामिल हैं।
  • महत्व : IPEF समूह में शामिल सदस्य विश्व के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 40% एवं वैश्विक वस्तु एवं सेवा व्यापार का 28% हिस्सा वहन करते हैं।
  • इसे क्षेत्र में चीन के आर्थिक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए अमेरिका द्वारा समर्थित एक आर्थिक व व्यापार रणनीति के रूप में देखा जाता है।
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