- हाल ही में Reserve Bank of India (RBI) के द्वारा Mission SAKSHAM की शुरुआत की गई है।
- यह पहल शहरी सहकारी बैंकों ( Urban Co-operative Banks (UCBs)) के लिए एक व्यापक क्षमता-विकास (Capacity Building) कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य सहकारी बैंकों की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और स्थिरता को मजबूत करना है।

मिशन सक्षम (Mission SAKSHAM) क्या है ?
Mission SAKSHAM (Sahakari Bank Kshamta Nirman) एक ऑल-इंडिया, मिशन-मोड क्षमता निर्माण एवं प्रमाणन (Certification) ढांचा है, जिसे विशेष रूप से शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए तैयार किया गया है।
यह कार्यक्रम सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में :
- प्रबंधन क्षमता (Managerial Capability)
- संचालन दक्षता (Operational Efficiency)
- नियामकीय अनुपालन (Compliance Culture)
- संस्थागत मजबूती (Institutional Resilience)
को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
मिशन के प्रमुख उद्देश्य
- प्रबंधन और संचालन क्षमता बढ़ाना
- बैंकिंग कार्यों में पेशेवर दक्षता विकसित करना
- अनुपालन संस्कृति को मजबूत करना
- RBI के नियमों और मानकों का बेहतर पालन
- संस्थागत लचीलापन (Resilience) बढ़ाना
- संकट की स्थिति में भी बैंकों की स्थिरता बनाए रखना
- वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार
- सहकारी बैंकों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना
- सतत विकास सुनिश्चित करना
- UCB सेक्टर के दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देना
मिशन सक्षम (Mission SAKSHAM) की प्रमुख विशेषताएँ
1. लक्षित समूह (Target Groups)
यह कार्यक्रम निम्नलिखित वर्गों को लक्षित करता है :
- बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स
- वरिष्ठ प्रबंधन (Senior Management)
- जोखिम प्रबंधन (Risk Management) प्रमुख
- अनुपालन एवं ऑडिट अधिकारी
- IT एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़े कर्मचारी
2. प्रशिक्षण मॉडल (Delivery Model)
- Blended Learning Approach
- ऑफलाइन (In-person) + ऑनलाइन (Digital) प्रशिक्षण
- क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्धता
- अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सुनिश्चित करना
3. सहयोग (Collaboration)
यह मिशन विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से तैयार किया गया है :
- Umbrella Organisation for UCBs
- राज्य एवं राष्ट्रीय सहकारी संघ (State/National Federations)
4. मिशन मोड पहल
- बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे
- पूरे देश में एकसमान सुधार लाने का प्रयास
5. प्रमाणन प्रणाली (Certification Framework)
- प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणन दिया जाएगा
- इससे कौशल और योग्यता का मानकीकरण होगा
मिशन सक्षम (Mission SAKSHAM) का महत्व
- सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूती :-UCBs भारत के वित्तीय तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, खासकर छोटे व्यवसायों और मध्यम वर्ग के लिए।
- जोखिम प्रबंधन में सुधार :-बेहतर प्रशिक्षण से बैंकों की Risk Handling Capacity बढ़ेगी।
- पारदर्शिता और विश्वास
- बेहतर अनुपालन से जनता का भरोसा बढ़ेगा
- बैंकिंग घोटालों की संभावना कम होगी
- डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा
- IT कर्मचारियों के प्रशिक्षण से डिजिटल सेवाएं मजबूत होंगी
चुनौतियाँ
- विभिन्न राज्यों में सहकारी बैंकों की असमान स्थिति
- प्रशिक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करना
- पुराने सिस्टम से नए सिस्टम में बदलाव
सहकारी बैंक (Cooperative Banks)
- सहकारी बैंक भारत के वित्तीय ढांचे का वह हिस्सा हैं जो "सहकारिता" (Co-operation) के सिद्धांत पर आधारित हैं।
- इनका मुख्य लक्ष्य लाभ के बजाय सामुदायिक सेवा है।
- यह वह सहकारी समितियाँ होती हैं जो या तो राज्य सहकारी समिति अधिनियमों या बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत होती हैं और बैंकिंग व्यवसाय में संलग्न रहती हैं।
वर्गीकरण
भारत में सहकारी बैंकों को मुख्यतः दो भागों में बाँटा गया है -
- शहरी सहकारी बैंक (UCBs)
- ग्रामीण सहकारी बैंक (RCBs)
स्वामित्व एवं संचालन
- सहकारी बैंकों का स्वामित्व और संचालन उनके सदस्यों द्वारा किया जाता है। सदस्य ही इनके ग्राहक होते हैं।
- “एक व्यक्ति, एक मत” के सिद्धांत के अनुसार सभी सदस्यों को समान मतदान अधिकार प्राप्त होता है।
उद्देश्य:-
- ग्रामीण वित्तपोषण एवं सूक्ष्म-वित्तपोषण प्रदान करना
- कृषि क्षेत्र को समर्थन देना
- लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देना
- स्वरोज़गार करने वाले व्यक्तियों की सहायता करना
विनियमन एवं पर्यवेक्षण:-
- शहरी सहकारी बैंक (UCBs) का विनियमन भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाता है।
- ग्रामीण सहकारी बैंकों की निगरानी मुख्यतः राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) तथा राज्य सरकारों द्वारा की जाती है।
- ये बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 और बैंकिंग कानून (सहकारी समितियों पर लागू) अधिनियम, 1965 के तहत कार्य करते हैं।
लाइसेंस रद्द करने की स्थिति
यदि कोई सहकारी बैंक :
- बैंकिंग संचालन बंद कर देता है, या
- RBI द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं करता,
तो RBI उसका लाइसेंस रद्द कर सकता है।
महत्त्व
- शहरी सहकारी बैंक (UCBs) छोटे व्यवसायों और व्यक्तियों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
- ये शहरी एवं अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों के आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं।