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जलवायु परिवर्तन और मानव आंत माइक्रोबायोटा

संदर्भ

एक हालिया शोध अध्ययन के अनुसार, जलवायु परिवर्तन से प्रेरित भोजन की कमी एवं कुपोषण ‘मानव आंत माइक्रोबायोटा’ (Gut Microbiota) की संरचना को प्रभावित कर सकता है।

आंत माइक्रोबायोटा के बारे में

  • परिचय : यह आंत में 100 ट्रिलियन बैक्टीरिया, कवक, प्रोटोजोआ एवं वायरस का समूह है जो स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
  • स्वास्थ्य में भूमिका : प्रतिरक्षा (Immunity), चयापचय (Metabolism) व ग्लूकोज नियंत्रण

शोध के निष्कर्ष

  • खाद्य उत्पादन : उच्च तापमान एवं CO2 स्तर से फसलों (गेहूं, मक्का, चावल) में पोषक तत्व (प्रोटीन, जस्ता, लोहा आदि) कम हो रहे हैं।
  • कुपोषण : निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में कुपोषण बढ़ा है जिससे आंत के माइक्रोबायोटा की विविधता (विभिन्न प्रकार के सूक्ष्मजीव) कम हुई।
  • रोगों का खतरा : डायबिटीज, सूजन आंत्र रोग एवं तंत्रिका संबंधी विकार (मस्तिष्क से संबंधित रोग)
  • स्वदेशी समुदाय : स्थानीय खाद्य स्रोतों पर निर्भर, अधिक माइक्रोबियल विविधता, जलवायु परिवर्तन से अधिक प्रभावित

पर्यावरणीय कारक

  • जल एवं मृदा : जलवायु परिवर्तन से जल व मृदा के माइक्रोबायोटा में परिवर्तन, जो अप्रत्यक्ष रूप से आंत माइक्रोबायोटा को प्रभावित करता है।
  • गर्मी का प्रभाव : गर्म मौसम में खाद्य एवं जलजनित रोग बढ़ते हैं।
  • डिस्बायोसिस (Dysbiosis) : आंत माइक्रोबायोटा में असंतुलन से स्वास्थ्य जोखिम।
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