New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

कोडन डी-ऑप्टिमाइज़ेशन तकनीक

इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (IIL) ने ऑस्ट्रेलिया के ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के सहयोग से कोविड-19 के वैरियंट SARS-CoV-2 को लक्षित करने वाला एक लाइव-एटेन्यूएटेड नीडल-फ्री इंट्रानैसल बूस्टर वैक्सीन विकसित किया है।

विशेषताएँ 

  • इस वैक्सीन में कोडन डी-ऑप्टिमाइज़ेशन (Codon Deoptimization : CoDe) तकनीक का उपयोग किया गया है। इस तकनीक को श्लैष्मिक (Mucosal) एवं सिस्टमिक इम्युनिटी प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे शरीर की समग्र सुरक्षा में वृद्धि होती है।
  • म्यूकोसल प्रतिरक्षा पर ध्यान केंद्रित करके यह वैक्सीन वायरस को नाक के मार्ग में संक्रमण रोकने में मदद करती है। 

क्या कोडन डी-ऑप्टिमाइज़ेशन तकनीक 

कोडन डी-ऑप्टिमाइज़ेशन ‘जीन इंजीनियरिंग’ की एक तकनीक है जिसका इस्तेमाल वैक्सीन विकसित करने में किया जाता है। इस तकनीक का उपयोग वैक्सीन के विकास में वायरस को उसके द्वारा उत्पादित प्रोटीन को बदले बिना उसके आनुवंशिक कोड को बदलकर कमज़ोर करने में किया जाता है।

  • कोडन डी-ऑप्टिमाइज़ेशन तकनीक में वायरस को इस प्रकार से संशोधित किया जाता है कि यह बिना किसी नुकसान के प्राकृतिक संक्रमण की नकल कर सके।
  • ऐसा करने से वैक्सीन शरीर को एक मजबूत, व्यापक-स्पेक्ट्रम न्यूट्रलाइज़िंग एंटीबॉडी प्रतिक्रिया उत्पन्न करने के लिए प्रेरित करती है। यह लाइव एटेन्यूएटेड एप्रोच वैक्सीन को प्रतिरक्षा उत्पन्न करने में अत्यधिक प्रभावी बनाता है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR