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डार्विन्स बार्क मकड़ी

चीन, मेडागास्कर, स्लोवेनिया व अमेरिका के वैज्ञानिकों ने Caerostris darwini व  Caerostris kuntneri नामक बार्क मकड़ियों का अध्ययन किया। उनका उद्देश्य यह समझना था कि ये मकड़ियाँ इतनी मजबूत रेशेदार सिल्क किस परिस्थितियों में उत्पन्न करती हैं। 

डार्विन्स बार्क मकड़ी (Darwin’s Bark Spider) के बारे में 

  • डार्विन्स बार्क मकड़ी अपने विशाल एवं अत्यंत मजबूत जालों के लिए प्रसिद्ध है। 
  • इसे ऑर्ब-वीवर मकड़ियों के कुल Araneidae में वर्गीकृत किया गया है। 
  • खोज: 2001 में खोजी गई और 2009 में वैज्ञानिक रूप से वर्णित की गई।
  • आवास: नदी किनारे के जंगल और दलदली क्षेत्र।
  • वितरण: मेडागास्कर के घने जंगलों में पाई जाती है। 

आकार और रूप-रंग 

  • आकार: मध्यम आकार की; जबकि नर अपेक्षाकृत मादाओं से छोटे होते हैं।
  • रंग: धब्बेदार पैटर्न वाली गहरे भूरे रंग की, जो वृक्ष की छाल में छिपने में मदद करती है। 

विशेषताएँ 

  • सिल्क की ताकत: इसकी सिल्क किसी भी मानव निर्मित रेशे या स्टील से अधिक मजबूत व टिकाऊ होती है। इसकी सिल्क अन्य मकड़ियों की तुलना में लगभग दो गुना अधिक मज़बूत है
  • जाल बनाने की क्षमता: यह मकड़ी ऑर्ब जाल बनाती है, जो नदियों और धाराओं के ऊपर फैल सकते हैं। ऐसे जाल का व्यास लगभग 25 मीटर (82 फीट) तक होता है।
  • आयु: ऑर्ब-वीवर मकड़ियों की तरह इसका जीवनकाल छोटा होता है। वस्तुतः नर की तुलना में मादाएँ अधिक समय तक जीवित रहती हैं।
  • अनोखा आवास: अन्य ऑर्ब-वीवर मकड़ियों के विपरीत यह मकड़ी अपने जाल को खुले पानी पर बनाती है, केवल पौधों पर नहीं। 
  • डार्विन की बार्क मकड़ियाँ कीटों की आबादी को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती हैं जिससे पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
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