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भारतियों में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी

(प्रारम्भिक परीक्षा, सामान्य अध्ययन 2: गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय।)

संदर्भ

द लैंसेट के एक हालिया लेख में अनुमान लगाया गया है कि भारतीय आबादी में 15 आहार सूक्ष्म पोषक तत्वों की खपत अपर्याप्त है। इस अध्ययन में 185 देशों में 15 सूक्ष्म पोषक तत्वों के सेवन को लेकर अनुमान लगाया गया है, जो बिना सप्लीमेंट वाले आहार पर आधारित है। 

अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष

  • दुनिया की आबादी के लगभग 70 फीसदी, यानी पांच अरब से ज्यादा लोगों में आयोडीन, विटामिन ई और कैल्शियम की कमी है।
  • 4 अरब से अधिक लोगों में  (आबादी का 65%) आयरन की कमी है, इसके अलावा औसतन 50% से अधिक आबादी राइबोफ्लेविन, फोलेट और विटामिन सी का अपर्याप्त सेवन करती है।
  • पुरुषों की तुलना में महिलाओं की बड़ी आबादी में आयोडीन, विटामिन बी12 और आयरन की कमी देखी गई है। 
    • इसके विपरीत, महिलाओं की तुलना में पुरुषों की बड़ी आबादी में मैग्नीशियम, विटामिन बी6, जिंक और विटामिन सी की अधिक कमी देखी गई है।
  • 10 से 30 वर्ष की आयु के लोगों में कैल्शियम की कमी का खतरा सबसे अधिक है।
    • यह समस्या विशेष रूप से दक्षिण एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया और उप-सहारा अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में बनी हुई है।   
  • भारत के संबंध में : 
    • भारत में लोग आयरन, कैल्शियम और फोलेट जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों का भरपूर मात्रा में सेवन नहीं कर रहे हैं। 
    • भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं में आयोडीन की कमी अधिक है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में जिंक और मैग्नीशियम की कमी पाई गई।
  • लैंसेट एक स्वतंत्र, अंतरराष्ट्रीय साप्ताहिक सामान्य चिकित्सा पत्रिका है और यह अपनी तरह की सबसे पुरानी पत्रिकाओं में से एक है।
  • इसकी शुरुआत वर्ष 1823 में थॉमस वाकले द्वारा की गई थी। 

क्या होते हैं सूक्ष्म पोषक तत्व

  • सूक्ष्म पोषक तत्व शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ और उसके उचित कामकाज को बनाए रखने में अति-महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • इनमें विटामिन और खनिज तत्व शामिल हैं जो चयापचय, प्रतिरक्षा कार्य व हड्डियों के स्वास्थ्य सहित विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं के संचालन में योगदान देते हैं।

सूक्ष्म पोषक तत्वों के उदाहरण

  • विटामिन 
    • विटामिन ए : दृष्टि, प्रतिरक्षा कार्य और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक।
    • विटामिन सी : प्रतिरक्षा प्रणाली, त्वचा के स्वास्थ्य और एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण।
  • खनिज
    • आयरन : रक्त में ऑक्सीजन के परिवहन में सहायक हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण।
    • कैल्शियम : हड्डियों के स्वास्थ्य और मांसपेशियों के कार्य के लिए महत्वपूर्ण।

सूक्ष्म पोषक तत्वों का महत्व

  • कमी : सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, विटामिन ए की कमी से दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है।
  • संतुलन : एक संतुलित आहार में आमतौर पर सभी आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं, लेकिन कुछ खास कमियों या आहार प्रतिबंधों के मामले में पूरक की आवश्यकता हो सकती है।
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