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पंचायती राज मंत्रालय की आपदा प्रबंधन योजना

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: आपदा और आपदा प्रबंधन)

सन्दर्भ

हाल ही में, केंद्र सरकार ने पंचायती राज मंत्रालय की आपदा प्रबंधन योजना की शुरुआत की।

पंचायती राज मंत्रालय की आपदा प्रबंधन योजना (डी.एम.पी.- एम.ओ.पी.आर.)

पृष्ठभूमि

  • भारत अपनी अनूठी भू-जलवायु और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के लिये अलग-अलग स्थिति में संवेदनशील रहा है। देश के विभिन्न हिस्से चक्रवात, बाढ़, सूखा, भूकंप, भूस्खलन आदि के लिये अत्यधिक संवेदनशील हैं।
  • परिस्थितियों से निपटने में स्थानीय समुदायों की महत्त्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए पंचायती राज मंत्रालय ने यह आपदा प्रबंधन योजना (Disaster Management Plan) तैयार की है, ताकि समुदायों सहित सभी पंचायती राज संस्थाओं को किसी भी आपदा के लिये तैयार किया जा सके।

कार्यक्षेत्र

  • इसे गाँव से लेकर जिला पंचायत स्तर तक समुदाय आधारित योजना के व्यापक परिप्रेक्ष्य के साथ तैयार किया गया है।
  • योजना के अंतर्गत प्रत्येक गाँव में ‘ग्राम आपदा प्रबंधन योजना’ होगी और प्रत्येक पंचायत की अपनी आपदा प्रबंधन योजना होगी।
  • उल्लेखनीय है कि पंचायती राज मंत्रालय की आपदा प्रबंधन योजना (DMP-MoPR) में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति 2009 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन के अलावा कई नवाचार शामिल हैं।
  • आपदा प्रबंधन योजना में व्यापक रूप से आपदा प्रबंधन के लिये संस्थागत व्यवस्था, जैसे- जोखिम, जोखिम सुभेद्यता और क्षमता विश्लेषण; परिस्थिति अनुकूल विकास और जलवायु परिवर्तन कार्रवाई में आपदा जोखिम प्रबंधन का समन्वय; आपदा विशिष्ट निवारक और शमन उपाय-उतरदायित्व ढाँचा; गाँवों और पंचायतों की समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन योजना आदि को मुख्यधारा में लाने वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

उद्देश्य

आपदा प्रबंधन योजना का विकास पंचायतों के बीच जमीनी स्तर पर आपदा लचीलापन विकसित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन उपायों को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ एक रूपरेखा स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया है।

आवश्यकता

  • किसी भी आपदा तैयारी रणनीति में समुदाय की भागीदारी महत्त्वपूर्ण कारक है और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों को चलाने और बनाए रखने के लिये समुदाय की सक्रिय भागीदारी महत्त्वपूर्ण है।
  • आपदा से उत्पन्न चुनौतियों को कम करने के लिये पंचायत स्तर और ग्राम स्तर की आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जानी चाहिये व पंचायतों के सर्वांगीण विकास के लिये मास्टर प्लान बनाते समय आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखा जाना चाहिये।
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