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गोनोरिया उपचार के लिए नई ओरल दवाओं को मंजूरी

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने गोनोरिया यौन संचारित संक्रमण (STI) के उपचार के लिए हाल ही में दो नई ओरल दवाओं को मंजूरी प्रदान की है। यह मंजूरी एंटीबायोटिक प्रतिरोध के खिलाफ वैश्विक संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और गोनोरिया के उपचार के लिए उपलब्ध सीमित विकल्पों को संबोधित करती है। 

नई स्वीकृत दवाएँ और उनका महत्व 

  • नुज़ोलवेंस (Nuzolvence/ज़ोलिफ़्लोडासिन): यह पानी में घुलने वाले दानों (Oral Granules) के रूप में है।
  • कंपनी: एंटासिस थेरेप्यूटिक्स (Entasis Therapeutics) को मंजूरी मिली।
  • विकास इतिहास: यह परियोजना मूलत: एस्ट्रा ज़ेनेका द्वारा शुरू की गई थी जिसे बाद में एंटासिस ने गैर-लाभकारी ग्लोबल एंटीबायोटिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट पार्टनरशिप (GARDP) के सहयोग से आगे बढ़ाया।
  • ब्लुजेपा (Blujepa/गेपोटिडासिन): यह मुंह से खाने वाली गोलियों (Oral Tablets) के रूप में है।
  • कंपनी: जीएसके (GSK) को मंजूरी मिली। 
  • FDA के ड्रग इवैल्यूएशन एंड रिसर्च सेंटर के संक्रामक रोग कार्यालय के निदेशक एडम शेरवाट ने इसे ‘महत्वपूर्ण मील का पत्थर’ बताते हुए कहा कि ये स्वीकृतियां बिना किसी जटिलता वाले यूरोजेनिटल गोनोरिया से पीड़ित रोगियों के लिए उपचार विकल्पों को बढ़ाएंगी।

भारत और वैश्विक वितरण

  • भारतीय फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डीज इनमें से एक दवा (संभवतः ज़ोलिफ़्लोडासिन) के लिए थाईलैंड और दक्षिण अफ्रीका में विपणन प्राधिकरण प्राप्त करने की दिशा में काम कर रही है। डॉ. रेड्डीज की इकाई ‘ऑरिजीन फार्मास्युटिकल सर्विसेज’ इस दवा का निर्माण करेगी।
  • GARDP की यौन संचारित संक्रमण रणनीति के अनुसार, ज़ोलिफ़्लोडासिन पहली बार उन देशों में उपलब्ध होगी जहाँ नैदानिक परीक्षण किए गए थे, अर्थात थाईलैंड व दक्षिण अफ्रीका में। 
  • इसका उद्देश्य इन देशों में आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकारों सहित अन्य साझेदारियों पर विचार करना है।

गोनोरिया एवं एंटीबायोटिक प्रतिरोध का खतरा

  • गोनोरिया यौन संपर्क से फैलता है और जननांगों, गले, मलाशय व आँखों को प्रभावित करता है। 
  • यदि इसे अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो यह बांझपन और अन्य गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है, विशेषकर महिलाओं में प्राय: लक्षण दिखाई न देने के कारण इसका निदान कठिन होता है। 

WHO की प्राथमिकता

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया की एक सूची रखता है। वर्ष 2024 की सूची में गोनोरिया पैदा करने वाले बैक्टीरिया नीसेरिया गोनोरिया को ‘उच्च प्राथमिकता’ श्रेणी में रखा गया है।
  • यह बैक्टीरिया मौजूदा दवाओं के प्रति तेज़ी से प्रतिरोधी होता जा रहा है जिससे प्रभावी उपचार के विकल्प तेजी से कम हो रहे हैं।

मामलों में वृद्धि और कारण

  • WHO ने वर्ष 2020 में 15 से 49 वर्ष की आयु के वयस्कों में 82.4 मिलियन नए गोनोरिया संक्रमणों का अनुमान लगाया था और यह संख्या बढ़ रही है। GARDP के अनुसंधान एवं विकास प्रमुख के अनुसार, HIV/AIDS उपचार में क्रांति (जैसे- PrEP- प्री-एक्सपोज़र प्रोफ़ाइलैक्सिस) के कारण युवा पीढ़ी में कंडोम का उपयोग कम हो गया है क्योंकि अब HIV का डर कम है।
  • हालाँकि, PrEP HIV से बचाता है किंतु यह अन्य यौन संचारित संक्रमणों (STIs) से सुरक्षा नहीं देता है जिसके परिणामस्वरूप गोनोरिया के मामलों में वृद्धि हुई है। 

ज़ोलिफ़्लोडासिन का रणनीतिक उपयोग

  • डॉ. डामर का कहना है कि ज़ोलिफ़्लोडासिन गोनोरिया के उपचार के लिए उपयोग की जाने वाली एकमात्र दवा है (ब्लुजेपा का उपयोग मूत्र मार्ग के संक्रमण के लिए भी किया जाता है)।
  • उन्होंने जोर दिया कि ज़ोलिफ़्लोडासिन का नैदानिक उपयोग केवल गोनोरिया के उपचार तक सीमित रखने से दवा के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा और प्रतिरोध के उभरने में देरी होगी, जिससे इस नई दवा की प्रभावशीलता लंबे समय तक बनी रहेगी।
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