New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

डोगरा वास्तुकला (Dogra architecture)

प्रारंभिक परीक्षा डोगरा वास्तुकला (Dogra architecture)
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-1 

संदर्भ 

 जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में महाराजगंज बाजार, जो अतिक्रमण के कारण अपनी ऐतिहासिक महिमा खो चुका था, का पुनरुद्धार किया जा रहा है।

Dogra-architecture

प्रमुख बिंदु 

  • श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) कश्मीरी वास्तुकला के स्थानीय तत्वों, विशेष रूप से 1846 और 1947 के बीच डोगरा हिंदू राजाओं द्वारा निर्मित वास्तुकला के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं।

डोगरा वास्तुकला :

  • डोगरा वास्तुकला शब्द का प्रयोग जम्मू-कश्मीर पर शासन करने वाले डोगरा हिंदू राजाओं द्वारा निर्मित इमारतों और संरचनाओं का वर्णन करने के लिए किया जाता है।
  •  डोगरा राजाओं ने 1846 से 1947 तक शासन किया।
  •  डोगरा इंडो-आर्यन वंश के हैं और प्राचीन काल में पंजाब  से जम्मू में आए थे।

डोगरा वास्तुकला की विशेषता:

  • स्थानीय सामग्रियों का उपयोग जैसे : पत्थर, लकड़ी और ईंट आदि।
  • सममित डिज़ाइनों (Symmetrical designs) में अक्सर सममित लेआउट और अलंकृत विवरण होती है।
  • इस वास्तुकला में जटिल नक्काशीदार लकड़ी की बालकनियों का प्रमुख उपयोग हुआ है।
  • ढलान वाली छतें बर्फबारी का सामना कर सकती हैं, जिसमें ऊपर की ओर लटकी हुई छतें होती हैं।
  •  घरों में रोशनी और वेंटिलेशन के लिए केंद्रीय आंगन का निर्माण हुआ है ।
  • डोगरा स्थापत्य हिंदू और तिब्बती शैलियों का मिश्रण प्रतीत होती है ।
  • डोगरा वास्तुकला के कुछ उदाहरणों में : मुबारक मंडी, जो 1947 तक डोगरा संस्कृति का केंद्र थी, बालकनी की झरोखा शैली,अमर महल मिश्रण।

डोगरा राजवंश

  • डोगरा राजवंश, उत्तर भारत का एक राजपूत राजवंश है इस राजवंश की जड़ें कछवाहा  वंश  तक जातीं हैं।
  • यह कछवाहा वंश राजपूत क्षत्रियों की एक शाखा है। 
  • डोगरा राजवंश की स्थापना महाराजा गुलाब सिंह ने की थी।
  • वर्ष  1947 तक जम्मू और कश्मीर पर डोगरा शासकों का शासन रहा।
  • इसके बाद महाराज हरि सिंह ने 26 अक्‍टूबर 1947 को भारतीय संघ में विलय के समझौते पर हस्‍ताक्षर किए।
  • देश की नई प्रशासनिक व्यवस्था में जम्मू-कश्मीर रियासत का विलय 26 अक्‍टूबर 1947 को हुआ।

जम्मू और कश्मीर के महाराजा

  • महाराजा गुलाब सिंह (1822 से 1856 तक)
  • महाराजा रणबीर सिंह (1856 से 1885 तक)
  • महाराजा प्रताप सिंह (1885 से 1925 तक)
  • महाराजा हरि सिंह (1925 से 1947 तक)।

प्रश्न: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए 

  1. डोगरा राजवंश की स्थापना महाराजा गुलाब सिंह ने की थी।
  2. महाराज हरि सिंह ने 26 अक्‍टूबर 1947 को भारतीय संघ में विलय के समझौते पर हस्‍ताक्षर किया।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं ?

(a) केवल कथन 1 

(b) केवक कथन 2 

(c) कथन 1 और 2 

(d) न तो 1, न ही 2 

उत्तर: (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न : डोगरा वास्तुकला की प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिए।

स्रोत: the hindu

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X