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एस्वातिनी: हालिया अवैध आप्रवासी निर्वासन मुद्दा

(प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम)

चर्चा में क्यों

  • 16 जुलाई 2025 को, अमेरिका द्वारा पांच देशों के आप्रवासियों को अफ़्रीकी देश एस्वातिनी में निर्वासित किया गया।

eswatini

एस्वातिनी (Eswatini) के बारे में

  • भौगोलिक स्थिति: एस्वातिनी, दक्षिणी अफ्रीका में एक छोटा, भू-आवेष्टित (Landlocked) देश है, जो दक्षिण अफ्रीका और मोज़ाम्बिक से घिरा हुआ है। 
    • इसका क्षेत्रफल लगभग 17,364 वर्ग किमी. है, जो न्यू जर्सी (अमेरिका) के आकार के बराबर है।
    • पूर्व में इसे स्वाजीलैंड के नाम से जाना जाता था। 
  • राजनीतिक व्यवस्था: यह अफ्रीका का आखिरी पूर्ण राजतंत्र है, जहाँ राजा मस्वाती तृतीय 1986 से शासन कर रहे हैं। वे डिक्री द्वारा शासन करते हैं, और राजनीतिक दलों पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध है।
  • जनसंख्या और अर्थव्यवस्था: जनसंख्या लगभग 12 लाख है। विश्व बैंक के अनुसार, 50% से अधिक आबादी 4 डॉलर प्रतिदिन से कम पर जीवनयापन करती है। 
    • चीनी (शुगर) इसका प्रमुख निर्यात है, और अमेरिका इसका चौथा सबसे बड़ा बाजार है।
  • मानवाधिकार स्थिति: मानवाधिकार वॉच के अनुसार, देश में मानवाधिकारों का हनन जैसे प्रजातंत्र समर्थक आंदोलनों का दमन, राजनीतिक हत्याएँ, जेलों में भीड़भाड़, कुपोषण और कैदियों पर हिंसा की विश्वसनीय रिपोर्टें हैं।
  • सामाजिक चुनौतियाँ: उच्च गरीबी, बेरोजगारी, अपराध दर और दुनिया में सबसे अधिक एच.आई.वी. दरों में से एक। वर्ष 2021 में प्रजातंत्र समर्थक प्रदर्शनों में दर्जनों लोग सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए।

हालिया मुद्दा: अमेरिका से अवैध आप्रवासियों का निर्वासन

  • पृष्ठभूमि: 16 जुलाई 2025 को, अमेरिका ने वियतनाम, जमैका, लाओस, क्यूबा, और यमन के पाँच आप्रवासियों को एस्वातिनी निर्वासित किया, जिन्हें अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने ‘गंभीर अपराधी’ करार दिया। इनके मूल देशों ने इन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
  • निर्वासन प्रक्रिया: यह "थर्ड-कंट्री डिपोर्टेशन" का हिस्सा है, जिसे अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने जून 2025 में मंजूरी दी। निर्वासन के लिए न्यूनतम 6 घंटे का नोटिस पर्याप्त है और आप्रवासियों को उत्पीड़न या यातना के डर पर आपत्ति दर्ज करने का सीमित अवसर मिलता है।
  • एस्वातिनी में स्थिति: पाँचों पुरुषों को मत्साफा सुधार सुविधा में एकांत कारावास में रखा गया है। एस्वातिनी सरकार का कहना है कि वह  इन्हें इनके मूल देशों में वापस भेजने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के साथ काम करेगी, लेकिन समयसीमा अस्पष्ट है।
  • विवाद और आलोचना:
    • स्थानीय आक्रोश: एस्वातिनी के नागरिक और विपक्षी दल (PUDEMO) ने देश को ‘डंपिंग ग्राउंड’ के रूप में उपयोग करने की निंदा की, क्योंकि भीड़भाड़ वाली जेलें और उच्च अपराध दर पहले से ही चुनौती हैं।
    • मानवाधिकार चिंताएँ: मानवाधिकार समूहों ने चेतावनी दी है कि निर्वासित व्यक्तियों को यातना और अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ सकता है।
    • अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया: दक्षिण अफ्रीका ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया, यह डर जताते हुए कि निर्वासित व्यक्ति झरझरा सीमाओं के माध्यम से दक्षिण अफ्रीका में प्रवेश कर सकते हैं।
  • एस्वातिनी का रुख: सरकार ने दावा किया कि निर्वासित व्यक्ति ‘राष्ट्र या नागरिकों के लिए खतरा नहीं’ हैं, लेकिन समझौते की शर्तें गोपनीय हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह अमेरिका के साथ व्यापार और सहायता संबंधों को बनाए रखने का प्रयास हो सकता है।
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