New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026

अंतरिक्ष से पहला वैश्विक जल सर्वेक्षण

(प्रारंभिक परीक्षा : राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव)

चर्चा में क्यों

हाल ही में, नासा और फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी सी.एन.ई.एस. द्वारा संयुक्त रूप से विश्व के महासागरों, झीलों और नदियों का व्यापक सर्वेक्षण करने के लिये ‘सरफेस वाटर एंड ओशन टोपोग्राफी’ (SWOT) मिशन को लॉन्च किया गया है। यह अंतरिक्ष से किया जाने वाला पहला वैश्विक जल सर्वेक्षण है।

प्रमुख बिंदु

  • यह पृथ्वी के झीलों, नदियों, जलाशयों और समुद्र के पानी की ऊँचाई को मापते हुए पृथ्वी की सतह पर उपलब्ध जल की अधिकांश मात्रा का निरीक्षण करने वाला पहला मिशन है।
  • 16 दिसंबर को स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट द्वारा कैलिफोर्निया से लॉन्च किये गए इस उपग्रह को निम्न पृथ्वी कक्षा (low Earth orbit) में स्थापित किया गया है। 
  • इस मिशन में कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (CSA) और यूनाइटेड किंगडम स्पेस एजेंसी ने भी अपना योगदान दिया है। 

उद्देश्य

  • इस मिशन के माध्यम से यह निर्धारित किया जा सकेगा कि महासागरों द्वारा वायुमंडलीय गर्मी और कार्बन डाइऑक्साइड को कैसे अवशोषित किया जाता हैं।
    • विदित है कि महासागरों की यह प्राकृतिक प्रक्रिया वैश्विक तापमान और जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने में सहायक होती है। 
    • एक अनुमान के अनुसार महासागरों ने मानवजनित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का 90% से अधिक अवशोषित कर रखा है।
  • उल्लेखनीय है कि महासागरीय तंत्र के अध्ययन द्वारा वैज्ञानिकों को यह जानने में सहायता होगी कि किस टिपिंग पॉइंट पर महासागर कार्बन अवशोषण के स्थान पर ताप को पुन: वायुमंडल में उत्सर्जित करते हैं और ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने के बजाय इसकी वृद्धि में योगदान देते हैं।
  • इस मिशन के माध्यम से बाढ़ के पूर्वानुमानों एवं सूखे की निगरानी के लिये उपयोग किये जाने वाले मॉडल में सुधार किया जा सकेगा, ताकि बाढ़ एवं सूखे जैसी आपदाओं के लिये बेहतर तैयारी की जा सकें। यह मिशन समुद्र के स्तर में वृद्धि को बेहतर ढंग से ट्रैक करने में मदद कर सकता है।

space

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR