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Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 1st April 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 3rd April 2026, 5:30PM

सरकारी योजनाओं द्वारा लैंगिक समानता 

संदर्भ 

हाल ही में, केंद्र सरकार द्वारा साझा किये गए आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अब तक निर्मित किये गए घरों में से 69% का स्वामित्व आंशिक या पूर्ण रूप से महिलाओं के पास है।

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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण

प्रमुख बिंदु 

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की शुरुआत वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश के आगरा ज़िले से 2.95 करोड़ घरों के निर्माण के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत 29 सितंबर, 2022 तक 2 करोड़ घरों का निर्माण किया जा चुका है। 
  • इस योजना के तहत सहायता लागत मैदानी क्षेत्रों के लिये 60:40 और उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों के लिये 90:10 के अनुपात में केंद्र व राज्य सरकारों के बीच साझा की जाती है।

सामाजिक लाभ 

  • सरकार द्वारा पक्का घर रखने की महिलाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति।
  • घर के वित्तीय निर्णय लेने में उनकी भागीदारी को मजबूती। 
  • बुनियादी सुविधा युक्त पक्के घर में रहने से सुरक्षा, गरिमा और आर्थिक शक्ति को मज़बूती।
  • महिलाओं के सामाजिक समावेशन में वृद्धि।

उज्ज्वला योजना 

  • महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिये प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत खाना पकाने के लिये स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की गयी है।
  • इस योजना के तहत महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए 9.4 करोड़ से अधिक एल.पी.जी. (LPG) कनेक्शन जारी किये गए हैं। 
  • अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इस योजना को पर्यावरण के साथ-साथ महिला स्वास्थ्य में सुधार के लिये एक बड़ी उपलब्धि बताया है।

स्वच्छ भारत मिशन

  • स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 11.5 करोड़ शौचालयों और शहरी क्षेत्रों में 70 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया।
  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय इकाईयों के निर्माण एवं उपयोग करने पर प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है।
  • इस योजना के तहत सहायता लागत 60:40 के अनुपात में केंद्र एवं राज्य के मध्य साझा की जाती है। इस योजना ने महिलाओं को विभिन्न प्रकार से बहुआयामी लाभ पहुँचाया है।  

महिलाओं की भागीदारी से होने वाले लाभ

स्वास्थ्य लाभ

  • एक रिपोर्ट के अनुसार शौचालय तक पहुंच के पश्चात ग्रामीण भारत में महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वाभिमान में वृद्धि हुई है। 93% महिलाएँ मानती हैं कि शौच करते समय उन्हें अब व्यक्तियों या जानवरों से हानि पहुँचने का डर नहीं रहता है।
  • साथ ही, 93% महिलाओं ने बताया कि वे अब स्वास्थ्य संक्रमण से भयभीत नहीं होती हैं। इसके अतिरिक्त 92% महिलाओं के अनुसार उन्हें अब रात में शौचालय जाने में डर का सामना नहीं करना पड़ता है।

सामाजिक लाभ 

  • सरकार का उद्देश्य नारी शक्ति पहल के तहत सरकारी योजनाओं में महिलाओं को उचित हिस्सा सुनिश्चित करना है। इसी सोच के साथ अधिक-से-अधिक महिलाओं को घर का स्वामित्व (मालिकाना हक़) देने का प्रयास किया जा रहा है।
  • ऐसे प्रयास ‘महिलाओं के विकास’ के स्थान पर ‘महिलाओं के नेतृत्व वाले’ विकास को प्राथमिकता देते हैं।
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