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याक चुरपी/ छुरपी, खामती चावल और तांगसा वस्त्र को GI टैग

प्रारंभिक परीक्षा – याक चुरपी, खामती चावल और तांगसा वस्त्र को GI टैग
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 3

संदर्भ

  • अरुणाचल प्रदेश के याक चुरपी/ छुरपी, खामती चावल और तांगसा वस्त्र को GI रजिस्ट्री द्वारा भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्रदान किया गया है।

Churpi-Chhurpi

याक चुरपी

  • याक चुरपी/ छुरपी एक किण्वित दूध से बना एक पनीर उत्पाद है जिसे भारत, नेपाल और भूटान के हिमालयी क्षेत्र में व्यापक रूप से सेवन/खाया जाता है।
  • यह उत्पाद अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग और तवांग जिलों में पाई जाने वाली एक अनोखी याक के दूध से बनाया जाता है, जो इस क्षेत्र में पाई जाने वाली एक अनोखी नस्ल है। 
  • याक का दूध मलाईदार सफेद, गाढ़ा, मीठा, सुगंधित और गाय के दूध की तुलना में प्रोटीन, वसा, लैक्टोज, खनिज और अधिक ठोस पदार्थों से भरपूर होता है। 
  • याक पालन के दूरस्थ निवास स्थान के कारण याक का दूध दुर्लभ है, याक के दूध से  चुरपी/छुरपी (गीला नरम पनीर), चुरकम (कठोर पनीर) और मार (मक्खन) जैसे पारंपरिक उत्पादों से बनाया जाता है। 
  • इस उत्पाद से जनजातीय चरवाहों को ठंड और हाइपोक्सिया से छुटकारा पाने में लाभ मिलता है। 
  • चुरपी/छुरपी प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत है जो राज्य के वनस्पति-विहीन ठंडे और पहाड़ी क्षेत्रों में आदिवासी याक चरवाहों द्वारा सब्जी या मांस करी के विकल्प के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • याक चुरपी/ छुरपी को अरुणाचल प्रदेश की मूर्त सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत का एक अभिन्न अंग माना जाता है।  
  • अरुणाचली याक नस्ल का पालन आदिवासी याक चरवाहों द्वारा किया जाता है
  • ये चरवाहे  गर्मियों के दौरान अपने याक के साथ ऊंचे स्थानों (10,000 फीट और उससे अधिक की ऊंचाई पर) की ओर पलायन करते हैं और सर्दियों के दौरान मध्य ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में चले जाते हैं। 

लाभ 

  • याक पालन से जुड़ी भारी कठिनाइयों और घटते लाभ के कारण पूरे देश में याक की आबादी तेजी से घट रही है जिससे याक चुरपी/ छुरपी को GI टैग देने से याक का संरक्षण और याक चरवाहों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान होगा ।

तांगसा वस्त्र

tangsa-clothing

चांगलांग जिले की तांगसा जनजाति के तांगसा वस्त्र  उत्पाद अपने आकर्षक डिजाइन और रंगों के लिए प्रसिद्ध हैं। 

खाम्ती चावल

khamti-rice

  • खाम्ती चावल अरुणाचल प्रदेश के नामसाई जिले में उत्पादित चिपचिपा चावल की एक किस्म है। 
  • यह अपने स्वाद के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। 

नाबार्ड ने GI Tag के लिए बढ़ाई वित्तीय सहायता

  • नाबार्ड ने कपड़ा से लेकर खाद्य और कृषि उपज तक विभिन्न क्षेत्रों में राज्य के 18 स्वदेशी उत्पादों के जीआई पंजीकरण के लिए वित्तीय सहायता दी है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न: निम्नलिखित में से अरुणाचल प्रदेश के किन उत्पादों को 'भौगोलिक संकेत (GI Tag)' प्रदान किया गया है? 

  1. याक चुरपी 
  2. खामती चावल 
  3. तांगसा वस्त्र

(a) केवल 1

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (d)

मुख्य परीक्षा प्रश्न: भौगोलिक संकेत (GI Tag) के लाभों की व्याख्या कीजिए।

स्रोत : THE ECONOMICS TIMES + आईसीएआर+जागरण  

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