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वैश्विक शांति सूचकांक,2023

प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिकी
मुख्य परीक्षा: पेपर-2, महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान

चर्चा में क्यों-

हाल ही में जारी किये गए वैश्विक शांति सूचकांक/ग्लोबल पीस इंडेक्स, 2023  के अनुसार, भारत 2.314/5 स्कोर के साथ 163 देशों में से 126 वें स्थान पर है, जबकि वर्ष 2022 में भारत की रैंकिंग 128वीं थी।

ग्लोबल पीस इंडेक्स (Global Peace Index-GPI)

  • इसे ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंकइंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा जारी किया जाता है।
  • ग्लोबल पीस इंडेक्स दुनिया की 99.7% आबादी को कवर करता है।
  • यह रिपोर्ट अब तक का सबसे व्यापक डेटा का विश्लेषण प्रस्तुत करती है कि शांति की प्रवृत्तियों एवं इसके आर्थिक मूल्य और शांतिपूर्ण समाजों को कैसे विकसित किया जाए।
  • 23 गुणात्मक और मात्रात्मक संकेतकों का उपयोग करके तीनक्षेत्र में शांति की स्थिति को मापता है-

(1) सामाजिक सुरक्षा और संरक्षा का स्तर

(2) चल रहे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष की सीमा

(3) सैन्यीकरण की डिग्री

  • स्कोरिंग 1 से 5 के पैमाने पर होती है, जितना कम स्कोर होगा देश उतना अधिक शांतिपूर्ण होगा।
  • इसका उद्देश- शांति की प्रवृत्तियों, इसके आर्थिक मूल्यों और शांतिपूर्ण समाजों की स्थापना करना है। 

global-peace-index

2023 वैश्विक शांति सूचकांक के प्रमुख बिंदु:

  • वैश्विक शांति का औसत स्तर लगातार नौवें वर्ष भी खराब रहा है।
  • 84 देशों में सुधार और 79 देशों में गिरावट दर्ज की गई है। यानी सुधारों की तुलना में गिरावट बढ़ी है।
  • वैश्विक संघर्ष से होने वाली मौतें 96% बढ़कर 238,000 हो गईं।

शांति में गिरावट के कारण-

  • इथियोपिया, म्यांमार, यूक्रेन, इज़राइल और दक्षिण अफ्रीका सहित 79 देशों में संघर्ष के स्तर में वृद्धि देखी गई।
  • हिंसा का वैश्विक आर्थिक प्रभाव 17% या 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़कर 2022 में 17.5 ट्रिलियन डॉलर हो गया, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के 13% के बराबर है।
  • ताइवान की चीनी नाकेबंदी से वैश्विक आर्थिक उत्पादन में 2.7 ट्रिलियन डॉलर की गिरावट आई, जो 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के कारण होने वाले नुकसान से लगभग दोगुना है।
  • यूक्रेन में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो 14 स्थान गिरकर 157वें स्थान पर आ गया। 
  • यूक्रेन में संघर्ष के बावजूद, 92 देशों ने सैन्य खर्च में सुधार किया और 110 ने अपने सैन्य कर्मियों में कमी की। 

दस शीर्ष स्थान प्राप्तकर्ता देश-आइसलैंड (रैंक-1), डेनमार्क(रैंक-2), आयरलैंड (रैंक-3), न्यूज़ीलैंड (रैंक-4), ऑस्ट्रिया (रैंक-5), सिंगापुर (रैंक-6), पुर्तगाल(रैंक-7), स्लोवेनिया (रैंक-8), जापान (रैंक-9) और स्विट्ज़रलैंड (रैंक-10)

सूची में अंतिम पांच देश-अफ़ग़ानिस्तान (रैंक-163),यमन(रैंक-162), सीरिया(रैंक-161),दक्षिण सूडान (रैंक-160) और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (रैंक-159) 

प्रश्न:- ‘वैश्विक शांति सूचकांक, 2023’ के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

(1). यह सूचकांक ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा जारी किया जाता है।

(2). भारत को इस सूचकांक में 128वीं रैंक प्राप्त हुई।

(3). वैश्विक शांति के औसत स्तर में सुधार हुआ है।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीन

(d) कोई भी नहीं

उत्तर- (a)

मुख्य परीक्षा प्रश्न: क्या कारण कि वैश्विक शांति के औसत स्तर में गिरावट दर्ज हुई,वहीं भारत की स्थिति में सुधार हुआ?

 

 

 

 

 

 

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