New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 21st Sept. 2026, 11:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 21st Sept. 2026, 11:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

गोदावरी-बनकाचेरला परियोजना

आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना के बीच विवाद को लेकर गोदावरी-बनकाचेरला जल परियोजना चर्चा में है। 

गोदावरी-बनकाचेरला परियोजना के बारे में 

  • परिचय : यह आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा विकसित की जा रही प्रस्तावित एक बहु-चरणीय सिंचाई एवं जल संसाधन प्रबंधन परियोजना है। 
  • उद्देश्य : इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य गोदावरी नदी के अधिशेष बाढ़ जल का उपयोग करना है।  
    • गोदावरी नदी से प्रतिवर्ष औसतन 3,000 TMCft (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) से अधिक जल बगैर उपयोग के बंगाल की खाड़ी में बह जाता है।
    • प्रस्तावित योजना के तहत 200 TMCft जल का उपयोग किया जाएगा जिससे सिंचाई, पेयजल एवं औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके।
  • परियोजना की संरचना : यह तीन चरणीय परियोजना है
    • पोलावरम से प्रकाशम बैराज तक जल स्थानांतरण
    • प्रकाशम बैराज से बोल्लापल्ली जलाशय तक जल संचरण
    • बोल्लापल्ली से बनकाचेरला (रायलसीमा क्षेत्र) तक जलापूर्ति
  • परियोजना का कार्यान्वयन  
    • प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट (Preliminary Project Report) केंद्रीय जल आयोग (CWC) को सौंपी जा चुकी है।
    • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) प्रारंभिक अनुमोदन के बाद प्रस्तुत की जाएगी।
    • इस परियोजना को केंद्र सरकार की स्वीकृति एवं पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद ही कार्यान्वित किया जाएगा।
  • लाभ : इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन से रायलसीमा एवं अन्य शुष्क क्षेत्रों की जल समस्या में काफी हद तक सुधार आ सकता है।

परियोजना का महत्त्व 

गोदावरी-बनकाचेरला परियोजना केवल आंध्र प्रदेश की विकासात्मक योजना नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय जल संसाधनों के संरक्षण एवं पुनर्वितरण का एक मॉडल भी बन सकती है, यदि इसे वैज्ञानिक, पारदर्शी व संघीय मर्यादाओं के अनुरूप लागू किया जाए।

हालिया विवाद का कारण

  • तेलंगाना के कुछ राजनेताओं ने इसे ‘जल चोरी (Water Robbery)’ कहते हुए आंध्र प्रदेश पर बिना उनकी सहमति के गोदावरी जल का उपयोग करने का आरोप लगाया है।
  • आंध्र प्रदेश सरकार का कहना है कि यह अधिशेष जल है जो तेलंगाना की आवश्यकताओं के पूरा होने के बाद आंध्र प्रदेश की सीमा में प्रवेश करता है, अतः इसे उपयोग करना उसका वैधानिक अधिकार है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR