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गोरसम कोरा महोत्सव :भारत-भूटान मित्रता का प्रतीक

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी, गोरसम कोरा महोत्सव, खिनज़ेमाने वृक्ष
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-1, भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप

संदर्भ:

भारत और भूटान की स्थायी दोस्ती का प्रतीक और पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करने वाले ‘गोरसम कोरा महोत्सव’ का आयोजन 7 मार्च से 10 मार्च, 2024 तक अरुणाचल प्रदेश में किया गया।

Gorsam-Kora-Festival

मुख्य बिंदु:

  • इस महोत्सव को अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के जेमीथांग में आयोजित किया गया।
  • इस चार दिवसीय महोत्सव में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा गोरसम चोर्टेन में मंत्रों का जाप और पारंपरिक बौद्ध अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
  • उत्सव की शुरुआत थेंगत्से रिनपोछे के नेतृत्व में मंगलाचरण के साथ हुई।
  • इसके बाद पवित्र वृक्ष खिनज़ेमाने की प्रार्थना की गई।
    • ऐसा माना जाता है कि इस वृक्ष को 14वें दलाई लामा ने लगाया था।

गोरसम कोरा महोत्सव के बारे में:

  • गोरसम कोरा महोत्सव प्रतिवर्ष चंद्र कैलेंडर के पहले महीने के आखिरी दिन मनाया जाता है।
  • इसका आयोजन ज़ेमिथांग के स्थानीय समुदाय द्वारा नागरिक अधिकारियों और भारतीय सेना के सहयोग से किया जाता है।
  • इसमें बड़ी संख्या में भूटानी नागरिकों सहित हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
  • यह त्योहार भारत और भूटान के बीच दोस्ती का प्रतीक है।
  • इस दौरान सांस्कृतिक प्रदर्शन और पारंपरिक बौद्ध अनुष्ठान किए जाते हैं।

पृष्ठभूमि:

  • गोरसम कोरा महोत्सव का आयोजन गोरसम चोर्टेन में आयोजित किया जाता है। 
    • गोरसम चोर्टेन 13वीं शताब्दी के एक स्थानीय भिक्षु-लामा प्रधान द्वारा निर्मित 93 फुट ऊंचा स्तूप है।
    • यह ज़ेमिथांग घाटी तवांग जिले में न्यानमजंग चू नदी के किनारे स्थित है।
    • यह स्तूप नेपाल के बौधिनाथ स्तूप की स्थापत्य शैली से प्रभावित है।
  • वर्ष, 1959 में तिब्बत से पलायन कर 14वें दलाई लामा ने ज़ेमिथांग घाटी को अपनी शरणस्थली बनाई थी।

महत्व:

  • यह उत्सव पूर्वोत्तर क्षेत्र में सामुदायिक जुड़ाव और पर्यटन को बढ़ावा देता है।
  • ज़ेमिथांग घाटी केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का हिस्सा है;
    • इस प्रोग्राम का उद्देश्य  धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरण पर ध्यान देने के साथ-साथ इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।
  • यह त्यौहार व्यापार के लिए एक मंच के रूप में भी काम करता है।
  • होमस्टे के निर्माण और गोम्पा और संग्रहालयों सहित पर्यटक बुनियादी ढांचे के विकास से इस क्षेत्र में रोजगार उत्पन्न होते हैं, इस क्षेत्र के आर्थिक विकास में सहयोगी होता है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न:

प्रश्न: खिनज़ेमाने के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. यह अरुणाचल प्रदेश में स्थित बौद्धों का एक पवित्र वृक्ष है।
  2. इस वृक्ष को 14वें दलाई लामा ने लगाया था।

नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही कूट का चयन कीजिए।

(a) केवल 1

(b) केवल 2

(c) 1 और 2 दोनों

(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर- (c)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न:

प्रश्न: गोरसम कोरा महोत्सव के बारे में बताते हुए पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन के विकास में इसके महत्व को स्पष्ट करें।

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