New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 Spring Sale UPTO 75% Off GS Foundation (P+M) - Delhi : 10th Feb. 2026, 10:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

हॉर्सशू क्रैब (Horseshoe crab) 

प्रारम्भिक परीक्षा – हॉर्सशू क्रैब (Horseshoe crab)
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 3 (जैव-विविधता, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी)

चर्चा में क्यों

अमेरिका के एक पर्यावरण समूह ‘राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय प्रशासन’(NOAA) ने अमेरिकी सरकार से एक याचिका दायर कर हॉर्सशू क्रैब (केकड़े) के संरक्षण की मांग की है।

Horseshoe-crab

प्रमुख बिंदु  

  • याचिका में कहा गया है कि फार्मास्युटिकल कंपनियां बड़ी संख्या में हॉर्सशू क्रैब (केकड़े) के रक्त का उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में करती हैं, जिससे लगभग 30% केकड़ों की मृत्यु हो जाती है। 
  • वर्तमान समय में इस केकड़े की संख्या 1990 की तुलना में बहुत कम हो गई है।

TELSON

अन्य खतरा :-

  • इस केकड़े को व्यावसायिक मछली के चारे के रूप में भी उपयोग किया जाता है। 
  • समुद्री प्रदूषण, तटीय कटाव और बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग के कारण इस प्रजाति को अपने आवास के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

संरक्षण हेतु सुझाव :- 

  • इसके अवैध शिकार करने वाले किसी भी व्यक्ति/संस्था पर सख्त कार्रवाई की जाए।
  • इनके आवास स्थान को संरक्षित किया जाय।
  • इसके व्यावसायिकरण पर रोक लगाया जाया।

हॉर्सशू क्रैब (Horseshoe crab):-

Horseshoecrab

  • इसका वैज्ञानिक नाम लिमुलिडा (Limulidae) है। 
  • इस केकड़े को समुद्री आर्थ्रोपॉड संघ में वर्गीकृत किया गया है। 
  • यह पृथ्वी पर लगभग 450 मिलियन वर्ष पुराने जीवित बचे प्राणियों में से एक है। 
  • इस केकड़ा का शरीर घोड़े की नाल के जैसा दिखता है। 

महत्व:-

  • इन केकड़ों का ख़ून चिकित्सा क्षेत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। 
  • इनके ख़ून से मिलने वाले ब्लड सेल (रक्त कोशिकाएं) दवा में मौजूद हानिकारक तत्वों से केमिकली रीएक्ट करते हैं जिससे पता चल जाता है कि नई दवा इंसानों के लिए सुरक्षित हैं या नहीं।

निवास स्थान :- 

  • यह अमेरिका के मध्य-अटलांटिक सागर तट और डेलावेयर खाड़ी की तटों पर पाया जाता है।
  • भारत में यह ओडिशा के तट पर पाया जाता है। 

संरक्षण की स्थिति :-

  • IUCN की रेड लिस्ट में:- लुप्तप्राय  प्रजाति (Endangered Species)
  • भारतीय वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में :- अनुसूची IV में शामिल।

राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA):- 

  • यह संयुक्त राज्य अमेरिका के वाणिज्य विभाग के भीतर एक वैज्ञानिक और नियामक एजेंसी है । 
  • इसका मुख्यालय सिल्वर स्प्रिंग, मैरीलैंड में है।
  • इसकी स्थापना 3 अक्टूबर 1970 में की गई थी। 

एजेंसी के कार्य :-

  • मौसम की भविष्यवाणी करना। 
  • समुद्री और वायुमंडलीय स्थितियों की निगरानी करना। 
  • गहरे समुद्र में अन्वेषण करने और मछली पकड़ने का प्रबंधन करना। 
  • अमेरिका के विशेष आर्थिक क्षेत्र में समुद्री स्तनधारियों और लुप्तप्राय। प्रजातियों की सुरक्षा का प्रबंधन करना आदी ।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- हाल ही में अमेरिका के एक पर्यावरण समूह राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय प्रशासन(NOAA) ने अमेरिकी सरकार से किस जीव के संरक्षण की मांग की है?

(a) अटलांटिक नीला मार्लिन

(b) ग्रेटर अंबरजैक

(c) बोनट मकाक 

(d) हॉर्सशू क्रैब 

उत्तर - (d)

स्रोत: THE HINDU

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X