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हरित प्रौद्योगिकी का समुद्री जैव-विविधता पर प्रभाव

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र-3 प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन)

संदर्भ 

हाल ही में, ‘नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन’ जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी की बढ़ती माँग (जैसे- इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये लिथियम बैटरी) ने समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के लिये संभावित खतरा उत्पन्न कर दिया है।

हरित प्रौद्योगिकी के प्रभाव 

  • समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ बढ़ते सार्वजनिक दबाव के कारण जीवाश्म ईंधन आधारित प्लास्टिक को जैवनिम्नीकरणीय पॉलिमर से बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जैसे कि पौधों के स्टार्च से बने जैवनिम्नीकरणीय प्लास्टिक बैग।
  • इस शोध के अनुसार, ये सामग्रियाँ समुद्र में प्राकृतिक परिस्थितियों में जैव-निम्नीकृत नहीं होती हैं तथा इनके व्यापक प्रयोग से समुद्री कचरे में वृद्धि हो सकती है। साथ ही, पर्यावरण पर दीर्घकालिक प्रभाव के कारण ये नई समस्याओं का भी कारण बन सकते हैं। 
  • अधिक लवणीय जल वाले गहरे समुद्र में लिथियम की सांद्रता उच्च होती है जो भविष्य में खतरे का संकेत है क्योंकि यह पारिस्थितिक तंत्र विविध प्रजातियों के अनुकूल है, जिनमें से अधिकतर की खोज की जानी बाकी है। 
  • लिथियम से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती माँग इन पारिस्थितिक तंत्रों को खतरे में डाल सकती हैं।

चिंताजनक मुद्दे 

  • इस अध्ययन में समुद्री जैव-विविधता के लिये उभरते हुए खतरों को चिह्नित किया गया है। साथ ही, हरित प्रौद्योगिकी अपनाने से आगामी 5 से 10 वर्षों में पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की भी चर्चा की गई है। 
  • इस अध्ययन के निष्कर्ष पर पहुँचने के लिये विशेषज्ञों की टीम ने ‘होराइजन स्कैनिंग’ (Horizon Scanning) नामक तकनीक का उपयोग किया।

चुनौतियाँ 

  • अत्यधिक मत्स्यन (ओवरफिशिंग) पहले से ही एक तात्कालिक समस्या के रूप में विद्यमान है तथा हाल ही में डब्ल्यू.टी.ओ. (WTO) के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में ओवरफिशिंग में संलग्न लोगों के लिये सब्सिडी पर रोक लगाने का आह्वान किया गया है। 
  • विशेषज्ञों का अनुमान है कि बढ़ती वैश्विक खाद्य सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिये अत्यधिक मत्स्यन में वृद्धि हुई है। 
  • मिसोपेलैजिक क्षेत्र (Mesopelagic Zone- 200 मीटर से 1,000 मीटर की गहराई तक) में लगभग 10 बिलियन टन छोटी लैंटर्न मछलियाँ (Lantern Fishes) पाई जाती हैं। यद्यपि ये मानव उपभोग के लिये उपयुक्त नहीं हैं, किंतु मत्स्य फार्म में भोजन के रूप में या उर्वरक के रूप में उपयोग की जा सकती हैं। 
  • हालाँकि, मिसोपेलैजिक क्षेत्र में अत्यधिक मत्स्यन से पर्यावरण को अत्यधिक क्षति होगी, क्योंकि ये प्रजातियाँ एक महासागरीय पंप के रूप में कार्य करती हैं, जो वायुमंडल से कार्बन को हटाने में सहायक हैं। 

होराइजन स्कैनिंग तकनीक 

  • यह एक ऐसी तकनीक है जो कम ज्ञात मुद्दों की पहचान करने का प्रयास करती है। यह मुख्यत: एक संकेतक के रूप में कार्य करती है एवं विशेष मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती है, जिससे शोधकर्ताओं को इन क्षेत्रों में सहायता मिल सके।
  • यह सामान्य मुद्दों की जाँच करने और अधिक व्यापक समाधान तैयार करने के लिये विविध विषय विशेषज्ञों को इकट्ठा करने का एक प्रभावी तरीका भी है। 
  • वर्ष 2009 में इस तकनीक ने उस खतरे के बारे में एक प्रारंभिक चेतावनी दी थी कि माइक्रोप्लास्टिक्स (5 मिमी. से छोटे प्लास्टिक टुकड़े) समुद्री पर्यावरण के लिये खतरा है। 
  • गौरतलब है कि तब से संयुक्त राज्य अमेरिका एवं यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों ने सौंदर्य प्रसाधनों में माइक्रोबीड्स के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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