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भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता 

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: द्विपक्षीय संबंध, भारत से संबंधित और भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार)

संदर्भ

हाल ही में, भारत-ऑस्ट्रेलिया के मध्य एक आभासी कार्यक्रम में आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (IndAus ECTA) पर हस्ताक्षर किया गया। यह समझौता एक दशक के बाद किसी वि‍कसित देश के साथ होने वाला भारत का पहला व्‍यापार समझौता है। 

समझौते की प्रमुख विशेषताएँ

  • इंडऑस ई.सी.टी.ए. दोनों देशों के मध्य बढ़ते आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंधों में स्थिरता और मजबूती प्रदान करने में सहायक होगा।
  • यह समझौता वस्तुओं एवं सेवाओं में व्यापार, उ‍त्‍पत्ति के नियम (Rules of Origin), व्‍यापार की तकनीकी बाधाएँ (TBT), स्‍वच्‍छता एवं पादप स्‍वच्‍छता (SPS) उपाय, विवाद निपटान, तटस्‍थ व्‍यक्तियों की आवाजाही, दूरसंचार, सीमा शुल्‍क प्रक्रियाएँ, फार्मास्‍यूटिकल उत्‍पाद जैसे क्षेत्रों को शामिल करता है। 

समझौते के प्रभाव या लाभ

  • यह समझौता दोनों देशों के मध्य व्‍यापार को प्रोत्‍साहित करने के लिये एक संस्‍थागत तंत्र उपलब्‍ध कराएगा।
  • यह दोनों देशों के बीच लगभग सभी टैरिफ लाइनों को शामिल करता है। इसके अंतर्गत भारत, ऑस्‍ट्रेलिया द्वारा उसके 100% टैरिफ लाइनों पर उपलब्‍ध कराए गए वरीयतापूर्ण बाजार पहुँच से लाभान्वित होगा। इसमें भारत द्वारा निर्यात किये जाने वाले उत्पादों में रत्‍न एवं आभूषण, कपड़े, चमड़ा, फुटवियर, फर्नीचर, खाद्य एवं कृषि उत्‍पाद, इंजीनियरिंग उत्‍पाद, चिकित्‍सा उपकरण, ऑटोमोबाइल जैसे श्रम प्रधान क्षेत्र शामिल हैं।
  • वहीं दूसरी तरफ, भारत ऑस्‍ट्रेलिया को अपनी 70% से अधिक की टैरिफ लाइनों पर वरीयतापूर्ण पहुँच प्रदान करेगा, जिसमे कोयला, खनिज अयस्‍क जैसे कच्‍चे माल तथा मध्यवर्ती वस्तुएँ (Raw Materials and Intermediaries) शामिल है।
  • ऑस्‍ट्रेलिया ने लगभग सेवा क्षेत्र से संबंधित 135 उप-क्षेत्रों में व्‍यापक प्रतिबद्धताओं तथा 120 उप-क्षेत्रों में सर्वाधिक पसंदीदा राष्‍ट्र (MFN) का दर्जा दिये जाने की पेशकश की हैं। वहीं दूसरी तरफ, भारत ने ऑस्‍ट्रेलिया को लगभग 103 उप-क्षेत्रों में बाजार पहुँच तथा 'व्‍यवसाय सेवाओं', 'संचार सेवाओं', 'निर्माण एवं संबंधित इंजीनियरिंग सेवाओं' जैसे 31 उप-क्षेत्रों में एम.एफ.एन. की प्रस्‍तुति की है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधो की पृष्‍ठभूमि

  • भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के मध्य प्रगाढ़ द्विपक्षीय संबंध हैं। ऑस्ट्रेलिया भारत का 17वां सबसे बड़ा जबकि भारत ऑस्ट्रेलिया का 9वाँ सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश है।
  • वर्ष 2021 में भारत-ऑस्‍ट्रेलिया के मध्य द्विपक्षीय व्‍यापार (वस्‍तुओं एवं सेवाओं) 27.5 बिलियन डॉलर रहा। विदित है कि वर्ष 2019 से 2021 के बीच ऑस्‍ट्रेलिया को भारत के वस्‍तु निर्यात में 135% की वृद्धि हुई है।
  • भारत एवं ऑस्ट्रेलिया जापान के साथ त्रिपक्षीय आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पहल (Supply Chain Resilience Initiative : SCRI) व्यवस्था में भागीदार हैं, जो भारत-प्रशांत क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखलाओं के लचीलेपन को बढ़ाने का प्रयास करता है।
  • इसके अतिरिक्‍त, ये दोनों देश अमेरिका और जापान के साथ क्‍वाड के भी सदस्‍य हैं, जिसका उद्देश्‍य समान चिंताओं के कई मुद्दों पर सहयोग बढ़ाना और साझेदारी विकसित करना है।

निष्कर्ष 

इस प्रकार, वस्तुओं एवं सेवाओं के क्षेत्र में व्यापार को शामिल करते हुए इंडऑस ई.सी.टी.ए. एक संतुलित और न्यायसंगत व्यापार समझौता है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को अधिक मजबूती प्रदान करेगा। यह समझौता वस्तुओं एवं सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के साथ ही नए रोजगार के अवसरों का भी सृजन करेगा।

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