संदर्भ
हाल ही में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने नई दिल्ली में पुनर्गठित 'इंडिया कोड पोर्टल' का शुभारंभ किया। यह पुनर्गठित पोर्टल आधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके, कानूनों तक पहुंच को अधिक सरल, तेज, व्यापक और नागरिक-केंद्रित बनाने के सरकार के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इंडिया कोड पोर्टल के बारे में
- इंडिया कोड केंद्रीय अधिनियमों और उनके अधीनस्थ विधानों, राज्य अधिनियमों और उनके अधीनस्थ विधानों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के विधानों व विनियमों का एक यूनिफाइड डिजिटल संग्रह प्रदान करता है।
उद्देश्य:
- इसका उद्देश्य संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में कानूनों तक एआई-सहायता प्राप्त बहुभाषी पहुंच प्रदान करना भी है, जिससे पूरे भारत में कानून तक पहुंच अधिक व्यापक, आसान और नागरिक-केंद्रित हो सके।
सुविधा:
- यह पुनर्गठित पोर्टल बेहतर और स्मार्ट सर्च क्षमताओं, एआई-सहायता प्राप्त खोज व सहभागिता, सेमांटिक एवं स्पीच-आधारित सर्च, विधानों के बीच आसान नेविगेशन, संशोधनों और विधायी इतिहास तक पहुंच, अधिनियमों का संबंधित अधीनस्थ विधानों के साथ जुड़ाव, ई-गजट इकोसिस्टम के साथ इंटीग्रेशन, बेहतर डॉक्यूमेंट व्यूइंग, क्यूआर-इनेबल्ड एक्सेस और नागरिकों की फीडबैक के लिए एक व्यवस्थित सिस्टम, कानूनी पेशेवरों, शोधकर्ताओं, न्यायपालिका और सरकार द्वारा विधायी जानकारी को खोजने, नेविगेट करने तथा प्राप्त करने के तरीके को काफी बेहतर बनाता है।
लक्ष्य:
- इस तकनीकी बदलाव का उद्देश्य इंडिया कोड को केवल कानूनों के ऑनलाइन संग्रह से आगे बढ़ाकर एक परस्पर जुड़े हुए और नागरिक-अनुकूल कानूनी सूचना ढांचे के सहयोग से कानून के एक डिजिटल गेटवे के रूप में परिवर्तित करना है।
- यह पहल कानून तक पहुंच की सुगमता, पारदर्शिता, व्यापक नागरिक भागीदारी और कानूनी व सार्वजनिक सेवाओं के बेहतर वितरण के लिए तकनीक का लाभ उठाने के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है।
महत्त्व:
- पुनर्गठित इंडिया कोड पोर्टल भारत के लिए एक विश्वसनीय और तकनीक-सक्षम कानूनी सूचना इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ कानून अधिक से अधिक खोजने योग्य, सुलभ, परस्पर जुड़े हुए और नागरिकों के लिए उनकी सुविधानुसार भाषा और रूप में उपलब्ध हैं।