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भारत-जापान 2 + 2 वार्ता

प्रारंभिक परीक्षा

(समसामयिक अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम)

मुख्य परीक्षा

(सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार)

संदर्भ 

हाल ही में, नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में तीसरी ‘जापान-भारत 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता’ संपन्न हुई।

India-Japan

‘2+2 वार्ता’ के बारे में

  • 2+2 वार्ता में विदेश मंत्री एवं रक्षा मंत्री या उनके समकक्ष शामिल होते हैं। भारत का अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, ब्राज़ील एवं रूस आदि देशों के साथ भी ‘2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता’ प्रारूप आयोजित किया जाता है।
  • भारत की पहली ‘2+2 वार्ता’ सितंबर 2018 में अमेरिका के साथ आयोजित की गयी थी। अमेरिका, भारत का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण और पुराना 2+2 वार्ता साझेदार है। 

‘भारत-जापान 2+2 वार्ता’ के बारे में 

  • भारत व जापान के मध्य ‘2+2 वार्ता’ द्विपक्षीय सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग को अधिक गहरा करने तथा दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को अधिक प्रगाढ़ बनाने के लिए वर्ष 2019 में शुरू की गई थी।
  • भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत के लिए, यह वार्ता ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का स्वाभाविक परिणाम है। 
  • प्रथम भारत-जापान 2+2 वार्ता का आयोजन नवंबर, 2019 में नई दिल्ली में किया गया था जबकि दूसरी भारत-जापान 2+2 वार्ता सितंबर 2022 में जापान में आयोजित की गई थी।

‘भारत-जापान 2+2 वार्ता’ के प्रमुख बिंदु 

रक्षा क्षेत्र 

  • संयुक्त वक्तव्य के अनुसार, जापान समुद्री रक्षा बल और भारतीय नौसेना बल द्वारा भारत में जहाज रखरखाव के क्षेत्र में सहयोग किया गया।
  • दोनों पक्षों ने मानवरहित भू-वाहन (यू.जी.वी.)/रोबोटिक्स के क्षेत्र में सहयोग के सफल होने की सराहना की।
  • यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना (UNICORN) और संबंधित प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण के लिए की गई प्रगति की सराहना की। 
  • रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी सहयोग पर सातवें जापान-भारत संयुक्त कार्य समूह पर भविष्य के सहयोग में तेजी लाने पर सहमति हुई।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र 

  • हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के लिए तीसरे देशों को रक्षा व सुरक्षा सहायता के क्षेत्र में समन्वय व सहयोग के लिए संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गयी।
  • ‘स्वतंत्र एवं मुक्त हिंद-प्रशांत’ (FOIP) के प्रति दोनों देशों के मध्य दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की गयी।
  • आसियान की एकता एवं केंद्रीयता के लिए अपने मजबूत समर्थन और ‘हिंद-प्रशांत पर आसियान आउटलुक (AOIP)’ के लिए अपने पूर्ण समर्थन को दोहराया गया। 
    • AOIP खुलेपन, पारदर्शिता, समावेशिता, नियम-आधारित ढांचे एवं अंतर्राष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान जैसे सिद्धांतों को कायम रखता है।

संयुक्त सैन्य अभ्यास 

तरंग शक्ति, धर्म गार्जियन, JIMAX एवं मालाबार सहित द्विपक्षीय व बहुपक्षीय अभ्यास जारी रखने के लिए दोनों देशों ने प्रतिबद्धता व्यक्त की।

सुरक्षा परिषद में सुधार

दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सुरक्षा परिषद में सुधार पर मिलकर काम करना जारी रखने पर भी सहमति व्यक्त की।

आतंकवाद का विरोध

दोनों देशों ने अलकायदा, आई.एस.आई.एस./दाएश, लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और उनके प्रॉक्सी समूहों सहित संयुक्त राष्ट्र में सूचीबद्ध सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने और आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को नष्ट करने, आतंकवादियों के वित्तपोषण चैनलों को खत्म करने तथा आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही को रोकने के लिए दृढ़ कार्रवाई करने का आह्वान किया।

महत्वपूर्ण क्षेत्र

अंतरिक्ष, सेमी कंडक्टर एवं साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर भी सहमति व्यक्त की। 

अंतर्राष्ट्रीय संगठन 

इस वार्ता में दोनों देशों ने क्वाड में अपने सहयोग के महत्व और आगे अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।

कूटनीतिक संबंध

वार्ता में भारत द्वारा फुकुओका में एक नया वाणिज्य दूतावास स्थापित करने के फैसले पर भी विचार किया गया। इससे जापान में भारतीय मिशनों की कुल संख्या तीन हो जाएगी। वर्तमान में भारत में जापान के पांच मिशन हैं।

महिला भागीदारी 

  • महिला, शांति एवं सुरक्षा (WPS) की प्रगति व शांति स्थापना अभियानों में जापानी और भारतीय महिलाओं की सक्रिय भागीदारी का स्वागत किया गया।
  • साथ ही, संघर्षों को रोकने, राहत एवं पुनर्प्राप्ति प्रयासों व स्थायी शांति स्थापित करने में महिलाओं की अग्रणी भूमिका के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
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