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भारतीय जीव-जंतु चेकलिस्ट पोर्टल

(प्रारंभिक परीक्षा : राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ, पर्यावरणीय पारिस्थितिकी)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन)

संदर्भ 

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कोलकाता में भारत के संपूर्ण जीवों की प्रजातियों का दस्तावेजीकरण करने वाला एक पोर्टल लॉन्च किया है। 

पोर्टल से संबंधित प्रमुख बिंदु 

  • इस पोर्टल को भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) के 109वें स्थापना दिवस के अवसर पर लॉन्च किया गया है। 
  • इस पोर्टल का नाम ‘भारतीय जीव-जंतु चेकलिस्ट पोर्टल (Fauna of India Checklist Portal) है। 
  • यह सूची पोर्टल भारत से रिपोर्ट की गई जीव प्रजातियों पर पहला व्यापक दस्तावेज है। 
  • भारत 104,561 प्रजातियों को कवर करते हुए अपने संपूर्ण जीवों की एक चेकलिस्ट (सूची) तैयार करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
  • इस सूची में 36 संघ (Phyla) को शामिल या कवर करने वाले सभी ज्ञात टैक्सा (Taxa) की 121 चेकलिस्ट (सूची) शामिल हैं। 

ZSIDAY

सूची में शामिल प्रजातियों की स्थिति 

  • इस सूची में स्थानीय, संकटग्रस्त एवं अन्य प्रजातियों को भी शामिल किया गया है। इस सूची के अनुसार, भारत में लगभग 455 स्तनधारी प्रजातियां दर्ज की गई हैं।
    • इनमें से सर्वाधिक प्रजातियां मेघालय (163 प्रजातियां), पश्चिम बंगाल (161), अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, असम, सिक्किम और केरल में पाई गई हैं।
    • केंद्रशासित प्रदेशों में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह (68 प्रजातियां), लद्दाख और दिल्ली में स्तनधारी विविधता सर्वाधिक है।
    • भारत में स्थानीय 52 स्तनधारी प्रजातियों में से तमिलनाडु (23 प्रजातियां), कर्नाटक और केरल में उच्च मौजूदगी है।
  • अनाथांना, लैटिडेंस एवं नीलगिरिट्रैगस मोनोटाइपिक जैसी तीन प्रजातियां केवल भारत में पाई जाती हैं।
  • भारत में मौजूद 1,358 पक्षी प्रजातियों में से 79 स्थानीय हैं अर्थात वे दुनिया में कहीं अन्य जगह नहीं पाई जाती हैं।
  • पश्चिमी घाट जैव-भौगोलिक क्षेत्र में इन प्रजातियों की संख्या सबसे ज्यादा (28) है, जबकि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह स्थानीयकता के मामले में अगला सबसे बड़ा क्षेत्र है।

क्या आप जानते हैं?

भारत विश्व के 17 महाविविधता वाले देशों में से एक है, जहां विश्व की लगभग 7-8% प्रलेखित (Documented) प्रजातियां पाई जाती हैं तथा विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त 34 जैव-विविधता केंद्रों में से चार भारत में पाए जाते हैं। 

अन्य प्रमुख गतिविधियाँ 

  • इस दौरान पशु वर्गीकरण शिखर सम्मेलन-2024 का आयोजन भी किया गया जोकि ZSI द्वारा आयोजित किया जाने वाला दूसरा शिखर सम्मेलन है।
  • साथ ही, ZSI के प्रतिष्ठित प्रकाशन ‘पशु खोज-2023’ का भी विमोचन किया गया, जिसमें भारत से 641 नई पशु प्रजातियां एवं नए रिकॉर्ड शामिल हैं। 
    • नई खोजों में केरल शीर्ष पर है और उसके बाद पश्चिम बंगाल है।
  • इसके अतिरिक्त भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) के ‘वनस्पति खोज-2023’ का भी विमोचन किया गया, जिसमें 339 नई वनस्पति प्रजातियां और देश से नए रिकॉर्ड शामिल हैं।
  • इस अवसर पर लखनऊ स्थित आई.सी.ए.आर.-एन.बी.एफ.जी.आर. (ICAR-NBFGR) और ZSI द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित पहली ‘भारतीय मछलियों का बारकोड एटलस’ ​​और शिलादित्य चौधरी व केतन सेनगुप्ता द्वारा लिखित पुस्तक ‘ROAR- सेलीब्रेटिंग 50 इयर्स ऑफ़ प्रोजेक्ट टाइगर’ का भी विमोचन किया गया।

इसे भी जानिए!

‘हाउ फॉरेस्ट्स थिंक : टुवर्ड्स एन एंथ्रोपोलॉजी बियॉन्ड दि ह्यूमन’ पुस्तक के लेखक एडुअर्डो कोह्न हैं। 

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