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भारतीय नेत्र रोग सोसायटी

चर्चा में क्यों ?

  • डॉ. मोहन राजन बने अखिल भारतीय नेत्र रोग सोसायटी (AIOS) के उपाध्यक्ष

Dr-Mohan-Rajan

प्रमुख बिंदु :-

  • राजन आई केयर हॉस्पिटल, चेन्नई के अध्यक्ष और चिकित्सा निदेशक डॉ. मोहन राजन को अखिल भारतीय नेत्र रोग सोसायटी (AIOS) का उपाध्यक्ष चुना गया है। 
  • यह घोषणा 5 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली में आयोजित AIOS की आम सभा बैठक के दौरान की गई।
  • AIOS देश के सबसे बड़े चिकित्सा संगठनों में से एक है, जिसमें 29,000 से अधिक नेत्र रोग विशेषज्ञ सदस्य हैं। 
  • डॉ. राजन की यह नियुक्ति नेत्र चिकित्सा क्षेत्र में उनके दशकों के योगदान और नेतृत्व क्षमता को सम्मानित करती है।

अखिल भारतीय नेत्र रोग सोसायटी

  • AIOS मुख्यालय कड़कड़डूमा, नई दिल्ली में स्थित है।
  • अखिल भारतीय नेत्र रोग सोसायटी (एआईओएस) की स्थापना वर्ष 1930 में हुई थी। 
  • यह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत सोसायटी है। 
  • सोसायटी की सदस्यता पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है और वर्तमान में इसके 29000 से अधिक आजीवन सदस्य हैं।

एआईओएस के उद्देश्य

  • सोसायटी का उद्देश्य समुदाय को सेवा प्रदान करने और देश के नेत्र रोग विशेषज्ञों के बीच सामाजिक संपर्क को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेत्र विज्ञान के अध्ययन और अभ्यास, अनुसंधान और मानव शक्ति विकास को बढ़ावा देना है।

AIOS की गतिविधियाँ

  • सोसायटी देश के विभिन्न भागों में वार्षिक सम्मेलन आयोजित करती है। 
  • इन सम्मेलनों में नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में ज्ञान के प्रचार और आपसी आदान-प्रदान के लिए कई वैज्ञानिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जिनमें निर्देश पाठ्यक्रम, संगोष्ठी, व्याख्यान, स्नातकोत्तर पुनश्चर्या पाठ्यक्रम, बूथ व्याख्यान, वेट लैब, शल्य चिकित्सा कौशल हस्तांतरण पाठ्यक्रम आदि शामिल हैं।
  • सोसायटी अपने सदस्यों को विभिन्न विशेषज्ञताओं में उनकी सेवाओं के सम्मान में पुरस्कार, व्याख्यान, पुरस्कार और फैलोशिप के रूप में प्रोत्साहन भी देती है। 

सोसायटी की अपनी गतिविधियों को चलाने के लिए कई शाखाएँ हैं जो इस प्रकार हैं:

  • वैज्ञानिक समिति
  • शैक्षणिक और अनुसंधान समिति
  • वैज्ञानिक कार्यवाही
  • इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी

प्रश्न :- अखिल भारतीय नेत्र रोग सोसायटी की स्थापना किस वर्ष की गई थी?

(a) 1947

(b) 1950

(c) 1930

(d) 1965

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