New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 07th Dec. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 03rd Oct. 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 07th Dec. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 03rd Oct. 2026, 11:00 AM

भारतीय उपमहाद्वीप : पक्षियों के लिये सबसे बड़ा शीतकालीन आवास

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, चिल्का में किये गए ‘जल पक्षी स्थिति सर्वेक्षण- 2022’ को जारी किया गया। 

सर्वेक्षण के प्रमुख बिंदु 

  • इस सर्वेक्षण के अनुसार, पूरे लैगून क्षेत्र में 107 जलीय पक्षी प्रजातियों और आर्द्रभूमि पर आश्रित 76 पक्षी प्रजातियों की गणना की गयी। इनकी कुल संख्या पिछले वर्ष की अपेक्षा कम हैं। भारतीय उपमहाद्वीप में चिल्का को पक्षियों का सबसे बड़ा शीतकालीन आवास माना जाता है।
  • गणना के दौरान दुर्लभ मंगोलियाई गल को भी देखा गया। चिल्का झील में स्थित ‘नलबाना पक्षी अभयारण्य’ में ग्रेटर फ्लेमिंगो (राजहंस) की संख्या में हुई वृद्धि नलबाना की पुनर्बहाली को प्रदर्शित करता है। 

चिल्का झील

  • चिल्का, भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून झील है। इसका विस्तार ओडिशा के पुरी, खुर्दा और गंजाम जिलों में है। इस लैगून में कई द्वीप मौजूद हैं, जिनमें कृष्णप्रसाद, नलबाना, कालीजाई, सोमोलो और पक्षी द्वीप समूह महत्त्वपूर्ण है। चिल्का झील को  'रामसर आर्द्रभूमि ' भी नामित किया गया है।
  • चिल्का झील में कैस्पियन सागर, बैकाल झील, अरल सागर, मंगोलिया के किर्गिज़ स्टेप्स, मध्य एवं दक्षिण पूर्व एशिया, लद्दाख और हिमालय से प्रवासी पक्षी आते है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR