(प्रारंभिक परीक्षा - राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ) (मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार) |
संदर्भ
चक्रवात दितवाह का सामना करने वाले श्रीलंका के लिए भारत ने 450 मिलियन डॉलर के एक व्यापक ‘पुनर्निर्माण पैकेज’ की घोषणा की है। यह घोषणा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात के बाद की।
ऑपरेशन सागर बंधु
- ऑपरेशन सागर बंधु के तहत कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने श्रीलंका सरकार के साथ मिलकर मानवीय सहायता, राहत सामग्री एवं चिकित्सा सेवाओं की आपूर्ति व वितरण को गति दी।
- भारतीय सेना ने कैंडी के निकट 85 चिकित्सा कर्मियों के साथ एक फील्ड अस्पताल स्थापित किया, जहाँ अब तक 8,000 से अधिक लोगों को आपातकालीन उपचार मिला।
भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय संबंध
- भारत श्रीलंका का सबसे निकटवर्ती पड़ोसी है और दोनों देशों के बीच संबंधों की जड़ें 2500 वर्ष से भी अधिक पुराने इतिहास में निहित हैं।
- यह संबंध केवल भौगोलिक निकटता तक सीमित नहीं है, बल्कि एक साझा सभ्यतागत विरासत, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापार, संपर्क (Connectivity), विकास व ऐतिहासिक जुड़ाव पर आधारित है।
- भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और महासागर (क्षेत्रीय सुरक्षा एवं विकास के लिए सामूहिक व समग्र प्रगति) की अवधारणा में श्रीलंका को एक अहम तथा केंद्रीय भागीदार के रूप में देखा जाता है।
1. व्यापार व निवेश
- द्विपक्षीय व्यापार: वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच 5.54 अरब डॉलर का माल व्यापार हुआ। चालू वित्त वर्ष (2024-25) के शुरुआती आठ महीनों में ही यह आंकड़ा 3.67 अरब डॉलर तक पहुँच गया है।
- ETCA वार्ता: आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी सहयोग समझौते (ETCA) को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत फिर से शुरू हो चुकी है जिसका 14वां दौर जुलाई 2024 में संपन्न हुआ।
- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI): भारत, श्रीलंका में निवेश करने वाला अग्रणी देश है। जनवरी से सितंबर 2024 के दौरान श्रीलंका में भारत से प्राप्त प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 80.55 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा (श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार) है। यह निवेश मुख्यतः ऊर्जा, आतिथ्य उद्योग, रियल एस्टेट, विनिर्माण, दूरसंचार, बैंकिंग तथा वित्तीय सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में केंद्रित रहा।
2. कनेक्टिविटी और बुनियादी ढाँचा
- समुद्री एवं हवाई मार्ग: नागपट्टिनम व कंकेसंथुरई के बीच नौका सेवा (अक्तूबर 2023) तथा चेन्नई-जाफना हवाई सेवा ने लोगों के बीच की दूरी को कम किया है।
- डिजिटल और ऊर्जा: फरवरी 2024 में श्रीलंका में UPI आधारित भुगतान सेवा शुरू की गई। भविष्य में भारत-श्रीलंका को एक बहु-उत्पाद पाइपलाइन व विद्युत ग्रिड अंतर्संबंध से जोड़ने की योजना है।
- बंदरगाह विकास: भारत सरकार ने कंकेसंथुरई बंदरगाह के उन्नयन के लिए 61.5 मिलियन डॉलर का अनुदान दिया है।
3. विकास सहयोग: जन-केंद्रित साझेदारी
भारत का श्रीलंका के साथ विकास सहयोग 7 अरब डॉलर से अधिक की ऋण सहायता और 780 मिलियन डॉलर की अनुदान सहायता तक विस्तृत है।
- आवास परियोजना: भारत की सबसे बड़ी अनुदान परियोजना के तहत 60,000 घरों का निर्माण किया जा रहा है जिसमें बागान श्रमिकों के लिए 10,000 घर शामिल हैं।
- स्वास्थ्य और शिक्षा: द्वीपव्यापी ‘सुवा सेरिया’ एम्बुलेंस सेवा और डिकोया में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल भारत की प्रतिबद्धता के प्रमाण हैं।
- आर्थिक संकट में साथ: वर्ष 2022 के संकट के दौरान भारत ने भोजन, ईंधन और दवाओं की आपूर्ति के लिए 4 अरब डॉलर की अभूतपूर्व सहायता प्रदान की।
4. रक्षा व क्षेत्रीय सुरक्षा
- संयुक्त अभ्यास: ‘मित्र शक्ति’ (सेना) और ‘SLINEX’ (नौसेना) जैसे नियमित अभ्यास सैन्य तालमेल को बढ़ाते हैं।
- समुद्री सुरक्षा: भारत ने श्रीलंका को समुद्री निगरानी के लिए डोर्नियर विमान प्रदान किया है और जून 2024 में कोलंबो में ‘समुद्री बचाव समन्वय केंद्र’ (MRCC) का उद्घाटन किया गया।
- आपदा प्रबंधन: ‘एमवी एक्सप्रेस पर्ल’ जैसी समुद्री दुर्घटनाओं के दौरान भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने बड़ी पर्यावरणीय क्षति को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
5. सांस्कृतिक विरासत एवं क्षमता निर्माण
- सांस्कृतिक जुड़ाव: बौद्ध विरासत को बढ़ावा देने के लिए भारत ने कपिलवस्तु अवशेषों की प्रदर्शनी और कई मंदिरों के जीर्णोद्धार में सहयोग किया है। वर्ष 2025 में पाली व्याकरण की पुस्तक ‘नामाला’ का प्रकाशन इस दिशा में एक नया कदम है।
- शिक्षा व छात्रवृत्ति: भारत प्रतिवर्ष लगभग 710 छात्रवृत्तियाँ प्रदान करता है। साथ ही, अगले 5 वर्षों में 1500 श्रीलंकाई सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
6. श्रीलंका में भारतीय समुदाय
- श्रीलंका में लगभग 10,000 भारतीय मूल के लोग (सिंधी, गुजराती, मलयाली आदि) व्यवसायों में सक्रिय हैं।
- इसके अतिरिक्त, लगभग 16 लाख भारतीय मूल के तमिल (IOT) बागान क्षेत्रों में रहते हैं जिनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए भारत सरकार निरंतर आवास एवं शिक्षा परियोजनाएँ चला रही है।
निष्कर्ष
भारत एवं श्रीलंका के संबंध आज ‘सहायता’ से आगे बढ़कर ‘साझा विकास’ की ओर बढ़ रहे हैं। ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ और ‘पड़ोस प्रथम’ नीति के तहत भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह श्रीलंका का केवल एक पड़ोसी नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय व अटूट मित्र है।