अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस 2025

(प्रारंभिक परीक्षा: महत्त्वपूर्ण दिवस एवं आयोजन)

चर्चा में क्यों

4 दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस (International Cheetah Day) के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश-विदेश के वन्यजीव प्रेमियों को शुभकामनाएँ दीं। 

International-Cheetah-Day-2025

अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस 2025

  • तिथि: हर वर्ष 4 दिसंबर को मनाया जाता है।
  • शुरुआत: वर्ष 2010 में डॉ. लॉरी मार्कर (संस्थापक- चीता संरक्षण निधि) द्वारा।
  • उद्देश्य: दुनिया के सबसे तेज़ भूमि प्राणी चीता के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना।
  • थीम/संदेश : ‘परिदृश्य पुनर्जीवित करें, भविष्य को पुनर्स्थापित करें’ (Restore Landscapes, Rewild the Future)

प्रमुख लक्ष्य

  • चीता संरक्षण के लिए जन-जागरूकता बढ़ाना।
  • प्राकृतिक आवासों की रक्षा और पुनर्स्थापना को प्रोत्साहित करना।
  • समुदायों को संरक्षण प्रयासों से जोड़ना।
  • वैश्विक स्तर पर चीता-आधारित अनुसंधान और पुनर्वास को बढ़ावा देना।

मुख्य बिंदु

  • चीता (Acinonyx jubatus) लगभग 50 लाख वर्ष पुरानी प्रजाति है, जो अपनी 112 किमी/घंटा की गति के लिए प्रसिद्ध है।
  • आज विश्व में केवल 6,500–7,100 चीते बचे हैं।
  • IUCN के अनुसार:
    • सभी चीता उप-प्रजातियाँ संकटग्रस्त (Vulnerable)
    • एशियाई और उत्तर-पश्चिम अफ्रीकी चीते अति संकटग्रस्त (Critically Endangered)
  • भारत में चीतों को वर्ष 1952 में विलुप्त घोषित किया गया था।
  • वर्ष 2022 के बाद भारत में चीतों की सफल पुनर्वापसी ने वैश्विक संरक्षण एजेंसियों को नया मॉडल दिया है।
  • भारत में प्रोजेक्ट चीता ने संरक्षण का नया अध्याय लिख दिया है। कूनो और गांधीसागर में चीतों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है, जो इस परियोजना की सफलता दिखाता है।

भारत में बाघ एवं चीतों के मध्य तुलना

बाघ (Tiger)

चीता (Cheetah)

भारत विश्व का सबसे बड़ा बाघ आवास है।

1952 में विलुप्त घोषित; 2022 से पुनर्वास।

2024-25 के अनुमान के अनुसार भारत में 3,682+ बाघ हैं।

दिसंबर 2025 तक: कुल 32 चीते, 21 शावक भारत में जन्मे; नवंबर 2025 में मादा “मुखी” ने 5 शावकों को जन्म दिया।

प्रमुख बाघ रिज़र्व: काजीरंगा, सुंदरबन, बांधवगढ़, रणथंभौर, नागरहोल, पेरियार

दो मुख्य केंद्र: 

  • कूनो राष्ट्रीय उद्यान (म.प्र.)
  • गांधीसागर अभयारण्य (म.प्र.)

बाघ संरक्षण: प्रोजेक्ट टाइगर (1973), NTCA का गठन (2005)

प्रोजेक्ट चीता (2022): नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीतों को लाकर पुनर्वास।

दुनिया में चीते के प्राकृतिक आवास वाले प्रमुख क्षेत्र

  • सेरेनगेटी – तंजानिया
  • मासाई मारा – केन्या
  • ओकावांगो डेल्टा – बोत्सवाना
  • ह्वांगे – जिम्बाब्वे
  • दक्षिण अफ्रीका के प्राइवेट आरक्षित क्षेत्र
  • नामिबिया – विश्व का सबसे बड़ा चीता आवास
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