अंतर्राष्ट्रीय व्हेल शार्क दिवस हर साल 30 अगस्त को मनाया जाता है।
यह दिन दुनिया की सबसे बड़ी मछली, व्हेल शार्क के संरक्षण और उनके सामने आने वाले खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है।
इतिहास और महत्व
यह दिन 2008 में मेक्सिको के इसला होलबॉक्स में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्हेल शार्क संगोष्ठी के दौरान व्हेल शार्क पर काम करने वाले वैज्ञानिकों, संरक्षणवादियों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा स्थापित किया गया था।
इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को इन विशाल और सौम्य जीवों के बारे में शिक्षित करना और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिए प्रेरित करना है।
व्हेल शार्क के बारे में प्रमुख तथ्य
परिचय
वैज्ञानिक नाम:Rhincodon typus
स्थिति: पृथ्वी की सबसे बड़ी मछली, समुद्री पारिस्थितिक तंत्र में कीस्टोन प्रजाति
लंबाई: अधिकतम 18 मीटर तक
वज़न: लगभग 21 टन तक
आयु: 100 से 150 वर्षों तक
सभी उष्णकटिबंधीय महासागरों में पाई जाती हैं।
भोजन:प्लवक,छोटी मछलियाँ, अन्य सूक्ष्म समुद्री जीव आदि
फिल्टर फीडर: पानी छानकर भोजन ग्रहण करती हैं।
संरक्षण की स्थिति
IUCN रेड लिस्ट: लुप्तप्राय (Endangered)
CITES: परिशिष्ट-II
भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची-I (पूर्ण संरक्षण)
व्हेल शार्क के सामने आने वाले खतरे
उनके मांस, पंखों और तेल के लिए उनका अवैध शिकार किया जाता है, खासकर एशिया के कुछ हिस्सों में।
प्लास्टिक कचरा उनके भोजन को दूषित कर देता है, जिससे उनकी पाचन क्रिया पर बुरा असर पड़ता है और वे बीमार पड़ जाती हैं।
बड़े जहाजों से टकराव भी उनकी मृत्यु का एक कारण बनता है।
प्रश्न. अंतर्राष्ट्रीय व्हेल शार्क दिवस किस तिथि को मनाया जाता है ?