New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 22nd August, 3:00 PM Teachers Day Offer UPTO 75% Off, Valid Till : 6th Sept. 2025 GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 24th August, 5:30 PM Teachers Day Offer UPTO 75% Off, Valid Till : 6th Sept. 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 22nd August, 3:00 PM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 24th August, 5:30 PM

कराकल्पक

चर्चा में क्यों

हाल ही में, उज्बेकिस्तान के कराकल्पकस्तान प्रांत की राजधानी नुकस में शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के पश्चात् प्रांत में एक महीने के लिये आपातकाल की घोषणा कर दी गई है।

प्रमुख बिंदु 

  • 27 जून, 2022 को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने उज़्बेक संविधान में एक संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें कराकल्पकस्तान के उज़्बेकिस्तान से अलग होने के अधिकार को समाप्त करना शामिल था। 
  • हालाँकि हिंसक विरोध प्रदर्शनों के पश्चात् राष्ट्रपति ने प्रस्तुत संशोधनों को वापस लेने की घोषणा भी कर दी है।

कराकल्पक समूह 

  • यह एक जातीय अल्पसंख्यक समूह है, जो उज्बेकिस्तान के स्वायत्त प्रांत कराकल्पकस्तान में निवास करते हैं। इस समूह की आबादी लगभग 20 लाख हैं।
  • कराकल्पक शब्द ‘काली टोपी’ का अनुवादित रूप है जो इस जनजातीय समूह द्वारा सिर पर पहना जाने वाला एक पारंपरिक परिधान (विशेष प्रकार की टोपी) है। 
  • इस समूह के लोग 18वीं सदी में अमु दरिया नदी के आसपास आकर बसे थे, जो वर्ष 1920 तक सोवियत संघ में शामिल हो गए। विदित है कि अमु दरिया नदी अरल सागर में विलीन होती है।
  • उज्बेकिस्तान द्वारा वर्ष 1991 में सोवियत संघ से पृथक् होने की घोषणा करने के साथ ही कराकल्पकस्तान को उज्बेकिस्तान के संविधान में स्वायत्त प्रांत के रूप में मान्यता प्रदान की गई तथा इसे जनमत संग्रह के आधार पर उज्बेकिस्तान से पृथक होने का अधिकार भी प्रदान किया गया।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X