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 कार्बी युवा महोत्सव

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी, कार्बी युवा महोत्सव, कार्बी जनजाति, एंटाडा रीडी, हंबी केपाथु खेल
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर- 1 

संदर्भ-

आठ दिवसीय कार्बी युवा महोत्सव का आयोजन 12 जनवरी 2024 को प्रारंभ हुआ।

Karbi-Youth-Festival

मुख्य बिंदु-

  • इस 50वें कार्बी युवा महोत्सव का आयोजन मध्य असम के दीफू शहर में किया रहा है।
  • कार्बी कल्चरल सोसाइटी (KCS) वर्ष, 1977 से इस महोत्सव का आयोजन कर रहा है।
  • यह उत्सव कार्बी भाषा के लिए रोमन लिपि का उपयोग करने के आंदोलन के उप-उत्पाद के रूप में 1974 में शुरू हुआ था।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 जनवरी, 2024 को इस महोत्सव में शामिल होंगी।
  • यह पूर्वोत्तर में किसी भी जातीय-आधारित उत्सव के लिए पहला होगा, जब कोई राष्ट्रपति शामिल होगा।

हंबी केपाथु खेल-

Hambi-Kepathu

‘हंबी केपाथु’ नाम कार्बी बहन-भाई के नाम के पहले अक्षरों के आधार पर रखा गया है।

  • इसके नाम हैं-
  • हैम तुंगजंग (बहन) 
  • बी. तुंगजंग (भाई)
  • इन दोनों ने ही इस खेल का आविष्कार किया था।
  • अन्य पारंपरिक कार्बी खेलों जैसे 'फोलोंग' (स्पिनिंग टॉप), 'थेंगटॉम लैंगवेक' (मशाल तैराकी) और 'केंगडोंगडांग' (बांस स्टिल्ट रेस) की तरह यह भी एक पुरुषों का खेल है। 
  • 'हंबी केपाथु' को कार्बी आंगलोंग के कुछ हिस्सों में ‘सिमरित’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह तीन आयताकार कोर्टों पर तीन-तीन सदस्यों वाली दो टीमों द्वारा खेला जाता है। 
  • टीम के प्रत्येक सदस्य को अपने कोर्ट की सीमा रेखा के मध्य बिंदु पर एक 'हंबी' या चमकता हुआ लता का बीज लंबवत रखना होता है, ताकि प्रतिद्वंद्वी टीम का खिलाड़ी अपनी 'हंबी' से उस पर प्रहार कर सके।
  • 25 चरणों में एक स्ट्राइकर को कंचे के खेल की तरह एक खड़ी 'हंबी' को या तो उंगली से मारना होता है, लुढ़काना होता है, फेंकना होता है जांघों के बीच 'हंबी' फंसाकर छलांग लगाना होता है या विभिन्न शैलियों में किक मारना होता है।
  • अन्य कार्बी पारंपरिक खेल जैसे 'थेंग एंगटोंग पेन केकट' (बांस की टोकरी लेकर दौड़ना), 'सेक्सेरेक' (छड़ी खेल) और 'होन केजेंग' (कताई) विशेष रूप से महिलाओं द्वारा खेला जाता है। 
  • 'संसुरी काचीवुंग' (रस्साकशी) और 'केरोन' (गणना खेल) लिंग-तटस्थ खेलों में से हैं।

एंटाडा रीडी-

Entada-Reedy

  • मध्य असम के कार्बी आंगलोंग जिले में चल रहे KYF में एक लुप्त हो रहे पारंपरिक खेल को नया जीवन दिया जा रहा है, जिससे अफ्रीकी मूल वाली इस लता के संरक्षण के अभियान को बढ़ावा मिला है।
  • एंटाडा रीडी को आमतौर पर अफ्रीकी स्वप्न जड़ी बूटी के रूप में जाना जाता है।
  • इस लता से एक गहरा भूरा और गोलाकार बीज उत्पन्न होता है, जो लगभग मानव पटेला या घुटने के आकार का होता है।
  • इस बीज का उपयोग 'हंबी केपाथु' खेल खेलने के लिए किया जाता है। 
  • कार्बी समुदाय की उत्पत्ति से जुड़े इस खेल को कुछ साल पहले पुनर्जीवित किया गया था। 
  • वर्तमान में यह कार्बी लोगों का राष्ट्रीय खेल बन गया है।
  • खेल में प्रयुक्त लता का कार्बी संस्कृति में एक विशेष स्थान है। 
  • कार्बी संस्कृति में मान्यता है, कि- 
    1. एंटाडा  रीडी  ने आकाश को पृथ्वी के बहुत करीब बांध दिया था, जब तक कि कार्बी के पूर्वजों ने लताओं को अलग नहीं कर दिया।
    2. इस प्रकार कार्बी के पूर्वजों ने आकाश को अपनी वर्तमान स्थिति लेने के लिए मुक्त कर दिया।
  • कार्बी लोगों ने धीरे-धीरे लता के बीजों से खेलना सीख लिया और जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द के लिए एक प्रकार का बाम बनाने के लिए पौधे से तेल भी निकाला।

कार्बी युवा महोत्सव का उद्देश्य-

  • इस महोत्सव का उद्देश्य पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करना है जो दुर्भाग्य से कार्बी समुदाय में कम हो गए हैं।
  • इसे बड़े पैमाने पर कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। 
  • लुप्त हो रही परंपराओं की ओर ध्यान दिलाकर यह महोत्सव सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक और भावी पीढ़ियों के लिए उनके इतिहास के महत्वपूर्ण पहलुओं को संरक्षित करने का एक साधन दोनों के रूप में कार्य करता है।

कार्बी जनजाति-

karbi-tribe

  • कार्बी जनजातियां मुख्य रूप से असम के कार्बी आंगलोंग जिले में पाई जाती हैं 
  • इनकी कुछ जनसंख्या असम के उत्तरी कोचर, हिल्स, नागांव, गोलाघाट, कामरूप, जोरहाट, सोनितपुर और लखीमपुर जिलों तथा नागालैंड एवं मेघालय के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी पाई जाती है 
  • कार्बी जनजातियों के पास एक समृद्ध सांस्कृतिक ढाँचा और एक विशिष्ट जीवन शैली है। 
  • उनकी अपनी एक परंपरा, संस्कृति, भाषा, पहचान और पारिस्थितिक स्थिति है। 
  • कार्बी जनजातियों की उत्पत्ति मंगोलॉयड नस्लीय समूह से संबंधित हैं। 
  • भाषाई दृष्टि से वे तिब्बती-बर्मन समूह से संबंधित हैं।  
  • कार्बी जनजातियाँ मूल रूप से पहाड़ी चोटियों पर रहती हैं और वे आम तौर पर सघन क्षेत्रों में नहीं रहती हैं। 
  • प्रत्येक गाँव में एक मुखिया होता है जिसे 'गाँवबुरा' या 'सार्थे' कहा जाता है। 
  • मुखिया को कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के प्राधिकारी द्वारा नियुक्त किया जाता है। 
  • इनके प्रमुख त्योहार हैं- चोजुन पूजा या स्वरक पूजा, रोंगकर,  चोक-एरोई, हाचा-केकन, चोमांगकन। 

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. कार्बी युवा महोत्सव का आयोजन गुवाहाटी में किया जा रहा है।
  2. वर्ष, 2024 में यह अपना 50वां वर्षगांठ मना रहा है।
  3. इस महोत्सव में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  शामिल होंगी।

उपर्युक्त में से कितना/कितने कथन सही है/हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीनों

(d) कोई नहीं

उत्तर- (b)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- हंबी केपाथु खेल का सांस्कृतिक महत्व स्पष्ट कीजिए। क्या अन्य राज्यों को भी इस प्रकार के पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहन देना चाहिए? विवेचना कीजिए।

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