New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 3rd Aug 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 3rd Aug 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

करुवत्तु मन वासुदेवन नंबूदिरी

प्रारंभिक परीक्षा के लिए – नंबुदिरी, नानियममयुम लोकावुम
मुख्य परीक्षा के लिए -  नंबुदिरी
सामान्य अध्ययन , पेपर, 1 -  कला और संस्कृति 

चर्चा में क्यों - 

  • प्रतिभाशाली चित्रकार करुवत्तु मन वासुदेवन नंबूदिरी का 7 जुलाई 2023 को  केरल के मलप्पुरम के कोट्टक्कल  में 97 वर्ष की आयु में  निधन हो गया। 

मुख्य बिंदु -

  • मलप्पुरम जिले में पोन्नानी के पास सुकापुरम के मूल निवासी, नंबूदिरी का जन्म 15 सितंबर, 1925 को हुआ था।
  • वह कलाकार, चित्रकार, कार्टूनिस्ट, कला निर्देशक और मूर्तिकार थे
  • इन्हें कलाकार नंबूदिरी के नाम से जाना जाता है , जिन्होंने पिछले सात दशकों में मलयालम साहित्यिक दुनिया के अनेक  पात्रों का चित्रण किया। 
  • प्रारंभिक शिक्षा  पोन्नानी में प्राप्त करने  के बाद उन्होंने मद्रास स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स से  प्रशिक्षण प्राप्त किया।यहाँ मशहूर कलाकारों के. सी .एस. पणिक्कर, देबी प्रसाद  राय चौधरी और एस. धनपाल  का मार्गदर्शन उन्हें मिला। 
  • शिक्षा प्राप्ति के पश्चात वे  कोझिकोड लौट आए और 1960 में एक कलाकार के रूप में 'मातृभूमि' पत्रिका से जुड़ गये। इस पत्रिका के लिए बनाई गई  उनकी कार्टून शृंखला 'नानियममयुम लोकावुम' जल्द ही बहुत लोकप्रिय हो गई। 
  • मातृभूमि में उन्होंने मलयालम में थकाज़ी शिवशंकर पिल्लई और केशवदेव जैसे कई प्रमुख लेखकों के लिए चित्र बनाए। 

Karuvattu

  • 1982 में वह केरल कौमुदी समूह की मलयालम पत्रिका 'कलाकौमुदी' से जुड़   गए और ' समकलिका' मलयालम पत्रिका में स्थानांतरित होने तक वहां काम किया।
  • उन्होंने एम. टी. वासुदेवन नायर के उपन्यास 'रंदामूज़म' के लिए चित्रण  किया, जिसने उन्हें रेखाचित्रों का राजा बना दिया।

कला के क्षेत्र में योगदान -

  • मलयालम शास्त्रीय कृतियों के पन्नों पर उनकी पंक्तियों को रेखाचित्रांगल या लाईन रेखाचित्र के रूप में जाना जाता है।
  • एक साहित्यिक चित्रकार के रूप में उन्होंने  थकाज़ी शिवशंकर पिल्लई, केशवदेव, एम टी वासुदेवन नायर, उरूब, एस के पोट्टेक्कट और वीकेएन जैसे शीर्ष मलयालम लेखकों के अनेक  पात्रों को जीवंत किया। 
  • उनके प्रारंभिक चित्र अपने घर के पास सुकापुरम मंदिर में देखी गई मूर्तियों से प्रेरित थे, जैसे- बड़ी-बड़ी आंखों वाली ,बड़ी छाती वाली, चौड़े कूल्हों वाली महिलाएं और दुबले धड़, चौड़े कंधे और कोणीय विशेषताओं वाले पुरुष आदि।

Kathakali

  • कथकली और रंगमंच के एक बड़े प्रशंसक नंबूदिरी ने प्रसिद्ध कथकली नाटकों के कई दृश्यों को वाटर  रंगों और चारकोल में चित्रित किया था। प्रसिद्ध नाटककार और थिएटर निर्देशक कवलम नारायण पणिक्कर को श्रद्धांजलि के रूप में उन्होंने 2015 में 'कवलम' के प्रसिद्ध नाटक 'अवनान कदंब' के दृश्यों का चित्रण किया।

Namboodiri

  • उन्होंने महाभारत और रामायण के दृश्यों पर भी चित्र बनाए। 
  • उन्होंने चोलमंडलम के लिए कुछ बड़ी मूर्तियां भी बनाईं जैसे -'मॉडर्न फ़ैमिली ऑन  स्कूटर' और 'मैथुना'

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न -

प्रश्न : नंबूदिरी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

1. उन्होंने चोलमंडलम के लिए 'मॉडर्न फेमिली ऑन ए स्कूटर 'और 'मैथुना' जैसे चित्र बनाए।

2. उन्होंने कथकली के कई चित्रों को वाटर रंगों और चारकोल में चित्रित किया था।

नीचे दिए गए कथन की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए।

(a) केवल 1 
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों 
(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर : (c)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न : चित्रकला के क्षेत्र में नंबूदिरी के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।

स्रोत:The Hindu

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR