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कोलट्टम

प्रारम्भिक परीक्षा – कोलन्नालु या कोलकोलन्नालु/'छड़ी नृत्य', कोलान्ना
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-1और 3

संदर्भ

20 दिसंबर 2023 को विजयवाड़ा में बच्चों के त्योहार बालोत्सव के दौरान लड़कियों के द्वारा कोलट्टम (छड़ी नृत्य) नृत्य प्रस्तुत किया गया।

Kolattam

कोलट्टम (छड़ी नृत्य):-

  • कोलट्टम नृत्य की उत्पत्ति माचेरला, रामप्पा, हम्पी, महाबलीपुरम और त्रिलोक के क्षेत्रों में हुई। इसे कोल्लु नृत्य भी कहा जाता है। 
  • कोल शब्द का अर्थ है छोटी छड़ी और अट्टम का अर्थ है नृत्य या खेल। इस प्रकार कोलाट्टम शब्द का अर्थ छड़ी/बैंड नृत्य होता है।
  • इस नृत्य को कोलन्नालु या कोलकोलन्नालु/'छड़ी नृत्य' भी कहा जाता है।
  • यह नृत्य दक्षिणी भारत के सबसे लोकप्रिय नृत्यों में से एक है।

विशेषता:- 

DANCE

  • यह नृत्य एक ग्रामीण कला का भाग है, जो सामान्यतः गाँव के त्योहारों के दौरान प्रदर्शित किया जाता है। 
  • यह नृत्य दीपावली के बाद अमावसी या अमावस्या की रात से शुरू होकर दस दिनों तक किया जाता है । 
  • यह नृत्य आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु दोनों जगहों पर किया जाता है। 
  • यह नृत्य लयबद्ध गतिविधियों, गीत एवं संगीत का एक संयोजन है, जिसे छात्राओं के द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। 
  • इस नृत्य में नर्तकों का नेतृत्व एक नेता के द्वारा किया जाता है, जो नृत्य की चाल और ताल का ध्यान रखता है। 
  • इस नृत्य समूह में 8 से 40 नर्तक जोड़े में शामिल होते हैं, जो छड़ी/लाठी के माध्यम से दो वृत्तों में घूमते हुए नृत्य प्रस्तुत करते हैं।
  • इस नृत्य में कलाकारों की संख्या सम(Even) होना चाहिए जिससे सभी कलाकार एक जोड़ा/मित्र बना सके।
  • आंतरिक वृत्त के नर्तक बाहरी वृत्त के नर्तकों को छड़ी/लाठी पर प्रहार करते हुए नृत्य करते हैं। 
  • इस नृत्य को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में कोलान्ना भी कहा जाता है।
  • यह नृत्य प्रत्येक नर्तक की भागीदारी पर आधारित है। जिसमें धुनें और नृत्य एक नर्तक से दूसरे नर्तक को पढ़ाया जाता है। यही कारण है कि एक नर्तक के लिए यह नृत्य करना संभव नहीं है। 
  • इस नृत्य में सबसे ज्यादा नर्तक होने से नृत्य एक अद्भुत्/ लाजवाब होता है। 

कोलाट्टम नृत्य की पोशाक :- 

  • इस नृत्य को प्रस्तुत करने वाले कलाकारों की पोशाक  पारंपरिक होती है। 

महत्व :- 

  • यह एक पारंपरिक नृत्य है, जिसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक उत्सव के दौरान प्रस्तुत किया जाता है।
भारत और राज्यों के 8 शास्त्रीय नृत्यः

  नृत्य

  • भरतनाट्यम
  • कथक
  • कथकली
  • मोहिनीअट्टम
  • कुचिपुड़ी
  • ओडिसी
  • सत्त्रिया
  • मणिपुरी

 राज्य

  • तमिलनाडु
  • उत्तर प्रदेश
  • केरल
  • केरल
  • आंध्र प्रदेश
  • ओडिशा 
  • असम
  • मणिपुर

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- केरल के शास्त्रीय नृत्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 

1.कथक

2.कथकली

3.मोहिनीअट्टम

उपर्युक्त में से कितने सही हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीन

(d) कोई भी नहीं   

 उत्तर - (b)

मुख्य परीक्षा प्रश्न:- कोलट्टम क्या है? इसके सांस्कृतिक महत्व की व्याख्या कीजिए।

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