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चंद्र परमाणु रिएक्टर परियोजना (Lunar nuclear reactor project)

प्रारंभिक परीक्षा –  चंद्र परमाणु रिएक्टर परियोजना

मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-3, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

संदर्भ 

नासा ने चंद्रमा के लिए परमाणु रिएक्टर (विखंडन) विकसित करने की परियोजना का पहला चरण पूरा कर लिया है।

nuclear-reactor

प्रमुख बिंदु 

  • इस परियोजना का लक्ष्य भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए एक छोटा बिजली पैदा करने वाला रिएक्टर बनाना है।
  • इस परियोजना में एक रिएक्टर, बिजली रूपांतरण प्रणाली, उष्मारोधी तंत्र (heat rejection mechanisms) और बिजली वितरण प्रणाली को डिजाइन करना शामिल है।
  • यह पहल कम से कम एक दशक तक चंद्रमा पर निरंतर मानव अधिवास के नासा के लक्ष्य को प्रोत्साहन प्रदान करती है।
  • परमाणु ऊर्जा को चंद्रमा के अन्वेषण के लिए एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में देखा जाता है।
  • यह परमाणु रिएक्टर चंद्रमा पर कम से कम 10 वर्षों तक निरंतर मानव उपस्थिति रखने की नासा की महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
  • चंद्रमा पर परमाणु ऊर्जा स्रोत एक सुरक्षित, स्वच्छ, विश्वसनीय विकल्प है।
  • चंद्र रात्रि तकनीकी दृष्टिकोण से चुनौतीपूर्ण होती है चंद्रमा पर सौर ऊर्जा की अपनी सीमाएं हैं क्योंकि चंद्रमा पर रात पृथ्वी पर 14 दिनों के बराबर होती है।
  • इसलिए इस परमाणु रिएक्टर जैसे ऊर्जा स्रोत का होना लाभदायक होगा
  • यह चंद्रमा पर दीर्घकालिक अन्वेषण और वैज्ञानिक शोधों के लिए एक सक्षम विकल्प है।
  • परमाणु रिएक्टर स्थायी रूप से मौसम और अन्य स्थितियों पर निर्भरता के बिना लगातार बिजली पैदा कर सकता है।
  • वर्ष 2022 में नासा ने रिएक्टर और सहायक प्रणालियों के लिए अवधारणा डिजाइन के साथ आने के लिए तीन उद्योग टीमों - लॉकहीड मार्टिन, वेस्टिंगहाउस और IX को 5 मिलियन डॉलर का अनुबंध किया था।

नाभिकीय रिएक्टर (Nuclear Reactor)

reactor

  • यह एक ऐसी युक्ति है जिसके द्वारा नाभिकीय विखंडन की नियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया का उपयोग करके ऊर्जा उत्पन्न की जाती है।
  • यह नियंत्रित की जा सकती है, इसलिये इस प्रकार से उत्पन्न ऊर्जा का प्रयोग विभिन्न रचनात्मक कार्यों में किया जा सकता है।
  • सामान्यतः नाभिकीय रिएक्टर का सबसे बड़ा इस्तेमाल विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।
  • पहला न्यूक्लियर रिएक्टर एनरिको फर्मी ने शिकागो पाइल-1 नाम से बनाया था।
  • असैन्य उद्देश्यों के लिए पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट वर्ष 1954 में सोवियत यूनियन में स्थापित किया गया।
  • भारत में तारापुर एटॉमिक पावर स्टेशन, राजस्थान एटॉमिक पावर स्टेशन, मद्रास एटॉमिक पावर स्टेशन, ककरपारा एटॉमिक पावर स्टेशन, कैगा एटॉमिक पावर स्टेशन,कुडनकुलम  में पावर स्टेशन रिएक्टर हैं।

प्रश्न: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. नासा ने चंद्रमा के लिए परमाणु रिएक्टर (विखंडन) विकसित करने की परियोजना का पहला चरण पूरा कर लिया है।
  2. पहला न्यूक्लियर रिएक्टर एनरिको फर्मी ने शिकागो पाइल-1 नाम से बनाया था।
  3. असैन्य उद्देश्यों के लिए पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट वर्ष 1954 में सोवियत यूनियन में स्थापित किया गया।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं ?

(a) केवल एक 

(b) केवल दो 

 (c) सभी तीनों 

(d)  कोई भी नहीं 

उत्तर: (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न : चंद्र परमाणु रिएक्टर परियोजना क्या है? चंद्र परमाणु रिएक्टर परियोजना के महत्त्व प्रमुख का उल्लेख कीजिए।

स्रोत: Indian express

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