राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी)

चर्चा में क्यों ? 

  • हाल ही में राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) ने सेशेल्स के सिविल सेवकों के लिए प्रथम क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है।  

क्षमता निर्माण कार्यक्रम के बारे में 

  • यह कार्यक्रम 11 मई, 2026 से 22 मई, 2026 तक विदेश मंत्रालय के सहयोग से मसूरी और नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।  
  • इस पहले समूह में रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, न्यायपालिका, शिक्षा, लोक प्रशासन, राष्ट्रपति कार्यालय आदि महत्वपूर्ण क्षेत्रों के महानिदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित 29 उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हैं।    
  • यह कार्यक्रम एनसीजीजी और सेशेल्स के लोक सेवा ब्यूरो (पीएसबी) के बीच फरवरी 2026 में हस्ताक्षरित एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन का पहला चरण है। 
  • यह तीन वर्षीय समझौता सेशेल्स के 250 सिविल सेवकों को प्रशिक्षित करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना की रूपरेखा तैयार करता है, जिसमें संस्थागत नेतृत्व को मजबूत करने और डिजिटल परिवर्तन को गति देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं 

यह प्रशिक्षण लोक नीति के अंतर्विषयक क्षेत्रों पर केंद्रित होगा जिसमें ; 

  • सुशासन के सिद्धांत, 
  • नीति निर्माण और कार्यान्वयन, 
  • शासन में तकनीकी नवाचार, 
  • न्यायालय प्रबंधन और भारत में न्यायिक सुधार, 
  • ई-न्यायालय और डिजिटलीकरण: कानूनी पहुंच में परिवर्तन,
  • जीईएम : सरकारी खरीद में पारदर्शिता लाना, 
  • एआई-सक्षम सुशासन, 
  • डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, 
  • पीएम गति शक्ति, 
  • प्रशासन में नैतिकता और सत्यनिष्ठा, 
  • अवसंरचना में पीपीपी, 
  • प्रदर्शन प्रबंधन के सिद्धांत,
  • राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य, 
  • डिजिटल भुगतान : भारतीय कहानी और कई अन्य विषय शामिल होंगे। 

राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के बारे में 

  • राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के तहत एक शीर्ष स्वायत्त संस्थान है, जो सुशासन, नीति सुधार और सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। 
  • वर्ष 2014 में स्थापित, यह संस्थान नई दिल्ली (मुख्यालय) और मसूरी से अपने कार्य का संचालन करता है और भारत व अन्य विकासशील देशों के लिए एक थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है। 
  • यह केंद्र नेशनल ग्रिड फॉर गुड गवर्नेंस (NGGG) का नेतृत्व कर रहा है, जिसका उद्देश्य शासन सुधारों के लिए एक अखिल भारतीय नेटवर्क बनाना है।  
  • राष्ट्रीय सुशासन केंद्र ने अब तक 52 देशों के सिविल सेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया है, जिसमें मेडागास्कर, मलेशिया, श्रीलंका, बांग्लादेश, केन्या, तंजानिया, ट्यूनीशिया, सेशेल्स, गैम्बिया, मालदीव, अफगानिस्तान, लाओस, वियतनाम, नेपाल, भूटान, म्यांमार, इथियोपिया, इरिट्रिया, कंबोडिया और अन्य अफ्रीकी और लैटिन अमरीकी देशों के 5500 से अधिक सिविल सेवक शामिल हैं।
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