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राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026

संदर्भ 

  • हाल ही में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में नर्सिंग के क्षेत्र में काम करने वाली समाज सेवी नर्सों को वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। 
  • पुरस्कार वितरण के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों और स्वास्थ्य सेवा संस्थानों से कुल 15 नर्सों को उनकी अनुकरणीय सेवा, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के प्रति अटूट समर्पण और समाज के कल्याण के प्रति उत्कृष्ट स्तर की प्रतिबद्धता के सम्मान में सम्मानित किया गया।

सम्मानित नर्सों की सूची 

क्र.सं.

वर्ग

नाम

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश

1

एएनएम

सुश्री कुलविंदर परही

लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश)

2

एएनएम

सुश्री उज्वला महादेव सोयम

महाराष्ट्र

3

एएनएम

सुश्री लालेंथांगी हनमते

मिजोरम

4

एएनएम

सुश्री मधु माला गुरुंग

सिक्किम

5

एएनएम

सुश्री पूजा परमार राणा

उत्तराखंड

6

एएनएम

सुश्री गीता कर्माकर

पश्चिम बंगाल

7

नर्स

सुश्री पूनम वर्मा

चंडीगढ़ (केंद्र शासित प्रदेश)

8

नर्स

सुश्री दीपा बिजू

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव

9

नर्स

डॉ. श्रवण कुमार ढाका

दिल्ली

10

नर्स

सुश्री रक्षा रूपो पर्वतकर

गोवा

11

नर्स

सुश्री कविता जगन्नाथ

कर्नाटक

12

नर्स

सुश्री मंजू मोल वीएस

केरलम

13

नर्स

सुश्री आयशा बीबी के

लक्षद्वीप (केंद्र शासित प्रदेश)

14

नर्स

प्रो. (डॉ.) आर शंकर षनमुगम

तमिलनाडु

15

नर्स

मेजर जनरल लिसाम्मा पीवी

रक्षा मंत्रालय (सेना), दिल्ली

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार के बारे में  

  • राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से स्थापित किया गया है।  
  • यह पुरस्कार नर्सिंग पेशे में निष्ठा, करुणा और दृढ़ता के सम्मान में प्रदान किया जाता है। 
  • यह प्रतिष्ठित पुरस्कार केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वयंसेवी संगठनों में कार्यरत पंजीकृत नर्सों, प्रसूति सहायिकाओं, सहायक नर्स प्रसूति सहायिकाओं और महिला स्वास्थ्य परिचारिकाओं को प्रदान किए जाते हैं। 
  • प्रत्येक पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र, 1,00,000 रुपये का नकद पुरस्कार और एक पदक शामिल है जो इन स्वास्थ्य योद्धाओं की अमूल्य सेवा के लिए राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है। 

चिकित्सा क्षेत्र में नर्सों की भूमिका 

  • चिकित्सा क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी अनेक चुनौतियों का समाधान करने और व्यक्तियों, समुदायों तथा विश्व की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में नर्सिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। 
  • नर्सों की ओर से कार्यक्षेत्र के अनुसार उचित, सुलभ और साक्ष्य-आधारित देखभाल प्रदान की जाती है। रोगी के हितैषी के रूप में अपनी प्रमुख भूमिका, वैज्ञानिक तर्क क्षमता, आंकड़ों और देखभाल संबंधी व्यापक ज्ञान के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित निर्णय लेने और नीति विकास के संबंध में नेतृत्व करने और जानकारी देने के लिए नर्सों की आदर्श स्थिति होती है। 
  • वस्तुतः रोगियों के सबसे निकट होने के कारण उनकी ओर से चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित नीति निर्माण में अपनी बात रखी जा सकती है। 

भारत सरकार की पहल   

  • भारत सरकार ने स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की व्यवस्था मजबूत करने में नर्सों और प्रसूति सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवाइफरी आयोग अधिनियम के माध्यम से प्रशिक्षण क्षमता का विस्तार करने, नर्सिंग शिक्षा और नियामक ढांचे का आधुनिकीकरण करने और चिकित्सा महाविद्यालयों के साथ 157 नर्सिंग महाविद्यालयों की स्थापना करने के लिए परिवर्तनकारी पहल की है।  
  • इसका उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य परिणामों और मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली के लिए कुशल, सक्षम और सशक्त नर्सिंग कार्यबल का निर्माण करना है।
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