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भारत में डिजिटल क्रांति की प्रगति

संदर्भ 

  • भारत में डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देने और नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, सुरक्षित एवं सुलभ बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) लगातार महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। 
  • इसी क्रम में डिजिलॉकर को विभिन्न राज्य डिजिटल सेवा प्लेटफार्मों के साथ एकीकृत करने की पहल ने देश में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) को और अधिक मजबूत किया है। राज्यों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देते हुए 11 मई, 2026 को आयोजित ‘राज्य डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला’ के दौरान पांच राज्यों को सम्मानित किया गया। 

डिजिलॉकर एकीकरण में राज्यों का योगदान 

  • इस कार्यक्रम के दौरान पांच राज्‍यों - 
    • गुजरात 
    • कर्नाटक 
    • केरल 
    • नागालैंड और 
    • राजस्थान के अधिकारियों और एसईएमटी टीमों को राज्य सरकार की सेवाओं में बड़े पैमाने पर डिजिलॉकर एकीकरण और इसे अपनाने में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। 
  • मान्यता प्राप्त राज्यों ने कई विभागीय सेवाओं के साथ डिजिलॉकर को एकीकृत करने में अनुकरणीय प्रदर्शन किया, जिससे दस्तावेज़ों तक पहुँच आसान हो गई, भौतिक सत्यापन की आवश्यकताएं कम हो गईं और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ, जैसा कि नीचे उल्लेख किया गया है:   

1. गुजरात : 

  • गुजरात ने 65 प्रतिशत सेवाओं को डिजिलॉकर से जोड़ा है और 1.92 करोड़ से अधिक नागरिकों के लिए डिजिटल इकोसिस्टम का विस्तार किया है। 
  • गुजरात को बस परिवहन में नवाचार के लिए भी पुरस्कृत किया गया है, जहां उन्होंने डिजिटल दिव्‍यांगता प्रमाण पत्र सक्षम किए हैं, जिन्हें मुफ्त परिवहन का लाभ उठाने के लिए दिखाया जा सकता है। 

2. कर्नाटक : 

  • राज्‍य में डिजिटल कर्नाटक की ओर बढ़ते हुए 73 प्रतिशत सरकारी ई-सेवाओं को प्‍लेटफार्म पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 
  • यहाँ 2.7 करोड़ से अधिक नागरिकों के साथ सबसे अधिक डिजिलॉकर खाते पंजीकृत हैं।  
  • कर्नाटक ने बहुत कम समय में सभी 5 विद्युत वितरण कंपनियों को जोड़कर 3 करोड़ बिद्युत बिल रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण का लक्ष्‍य हासिल किया है।  

3. केरल : 

  • केरल ने विभिन्न विभागों के समन्वय से 7 दिनों से भी कम समय में 117 से अधिक सेवाओं को अपने प्लेटफॉर्म पर शामिल कर लिया है। 
  • केरल 1.15 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान करता है।

4. नागालैंड : 

  • डिजिटल राइजिंग स्टेट के रूप में नामित नागालैंड ने मात्र एक महीने में 32 से अधिक सेवाओं को एकीकृत कर लिया है। नागालैंड ने जारीकर्ता और अनुरोधकर्ता दोनों मॉडलों में एकीकरण किया है, जो डिजिटल परिवर्तन में उनकी उत्कृष्टता को दर्शाता है। 

5. राजस्थान : 

  • राजस्थान ने 7.5 करोड़ से अधिक नागरिकों को लाभ पहुँचाते हुए डिलीलॉकर के साथ पारिवारिक रजिस्टर जन आधार को लागू किया। 
  • राज्‍य ने बिजली बिल और कई अन्य सेवाओं को तीव्र गति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

डिजीलॉकर (DigiLocker) के बारे में 

  • यह इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की एक प्रमुख पहल है, जो भारत में दस्तावेज़ों तक पहुँचने और उन्हें प्रबंधित करने के तरीके को बदल रही है। 
  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, डिजीलॉकर आपको आधिकारिक दस्तावेज़ों को कभी भी, कहीं भी एक्सेस करने और साझा करने के लिए एक सुरक्षित, कागज रहित समाधान प्रदान करता है।  
  • डिजीलॉकर में मौजूद प्रत्येक दस्तावेज़ की कानूनी वैधता उसके मूल दस्तावेज़ के समान ही होती है (आईटी नियम 2016)।
  • ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर शैक्षणिक प्रमाणपत्रों तक, डिजीलॉकर अद्वितीय सुविधा के साथ प्रामाणिकता सुनिश्चित करता है। 
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