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मातृ मृत्यु दर का लक्ष्य प्राप्त

चर्चा में क्यों ?

  • हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने घोषणा की कि भारत ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (NHP) के तहत प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर 100 मातृ मृत्यु दर (MMR) के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। 
  • वर्ष 1990 से 2020 के बीच भारत में MMR में 83% की गिरावट दर्ज की गई है, जो वैश्विक औसत से कहीं अधिक है। 

शिशु एवं बाल मृत्यु दर में भी महत्वपूर्ण सुधार

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से शिशु मृत्यु दर (IMR) में 69% की गिरावट आई है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह गिरावट 55% रही। 
  • इसी तरह, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 75% की कमी दर्ज की गई है, जबकि वैश्विक औसत 58% ही रहा। 

मातृ मृत्यु दर (Maternal Mortality Rate - MMR) 

  • वह दर है, जो गर्भावस्था के दौरान, प्रसव के समय या प्रसव के 42 दिनों के वह दर है, जो गर्भावस्था के दौरान, प्रसव के समय या प्रसव के 42 दिनों के भीतर, किसी भी कारण से (जो दुर्घटना या आकस्मिक न हो) होने वाली माताओं की मृत्यु को दर्शाती है। 
  • इसे प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों पर मापा जाता है।

प्रश्न  - मातृ मृत्यु दर को मापा जाता है ?

(a) प्रति 1000 जीवित जन्मों पर

(b) प्रति 10000 जीवित जन्मों पर

(c) प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों पर

(d) प्रति 1000000 जीवित जन्मों पर

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