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Solved - UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Solved - UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

मनरेगा प्रतिबंध में ढील

(प्रारंभिक परीक्षा- पंचायती राज, लोकनीति)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2 : सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय)

संदर्भ 

हाल ही में, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने केरल के ग्राम पंचायतों में एक ही समय में कई प्रकार के कार्य करने की संख्या से प्रतिबंध समाप्त कर दिया है। पूर्व में केरल के ग्राम पंचायतों में एक समय में 20 प्रकार के कार्य किये जा सकते थे, अब इसकी संख्या को बढ़ाकर 50 कर दिया गया है।

केंद्र सरकार का आदेश

  • केंद्र सरकार ने इस वर्ष जुलाई में एक आदेश के माध्यम से राज्यों को निर्देश दिया था कि यदि ग्राम पंचायत में 20 प्रकार के कार्य उपलब्ध हैं तो नए कार्य के लिये मस्टर रोल जारी नहीं किया जा सकता है। 
  • हालाँकि, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों को इन 20 प्रकार के कार्यों में शामिल नहीं किया गया था।

केरल सरकार का तर्क

  • केरल सरकार ने भौगोलिक रूप से बड़ी और अधिक जनसंख्या वाली पंचायतों के आधार पर केंद्र सरकार के आदेश का विरोध किया था क्योंकि इस प्रतिबंध के कारण राज्य सरकार कई पंजीकृत जॉब कार्ड धारकों को रोजगार देने में सक्षम नहीं हो पा रही थी।
  • राज्य ने तर्क दिया कि बड़ी पंचायतों की स्थिति में इस प्रतिबंध के लिये पंचायतों के स्थान पर पंचायत वार्डों पर विचार किया जाना चाहिये।

मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना)

पृष्ठभूमि 

  • इसे राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (NREGA) के रूप में वर्ष 2005 में अधिसूचित किया गया था। 
  • यह अधिनियम 2 फ़रवरी, 2006 से लागू हुआ। इसके पहले चरण में 200 ज़िलों को शामिल किया गया था।
  • 1 अप्रैल, 2008 को इसे देश के सभी ज़िलों में लागू कर दिया गया। इस योजना को शत-प्रतिशत शहरी आबादी वाले ज़िलों को छोड़कर पूरे देश में लागू किया गया है।
  • 31 दिसंबर, 2009 को इस अधिनियम का नाम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम कर दिया गया।     
  • उद्देश्य
  • ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार के वयस्क सदस्य को एक वित्तीय वर्ष में कम-से-कम 100 दिनों की गारंटीयुक्त मज़दूरी प्रदान करके ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षा को बढ़ावा देना तथा सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत अकुशल शारीरिक श्रम प्रदान किया जाता है। 
  • इसके अलावा, सूखा/प्राकृतिक आपदा अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में एक वित्तीय वर्ष में 50 दिनों तक के अतिरिक्त अकुशल मज़दूरी का प्रावधान है। राज्य सरकार द्वासरा स्वयं के फण्ड से इसका प्रावधान किया जाता है। 
    • उल्लेखनीय है कि युक्तधारा मनरेगा के लिये एक भू-स्थानिक नियोजन पोर्टल है। 

महत्त्वपूर्ण उपबंध 

  • यह माँग आधारित योजना है। इसमें माँग किये जाने पर कार्य उपलब्ध न कराए जाने तथा किये गए कार्य के लिये मजदूरी के भुगतान में विलंब होने की स्थिति में भत्ता एवं मुआवजा का कानूनी प्रावधान है।  
  • काम माँगने वाले व्यक्ति को यदि उसके रोज़गार की माँग से संबंधित आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर रोज़गार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो वह बेरोजगारी भत्ता पाने का हकदार है।
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