New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

मिस्कोफस कालेशी (Miscophus kaleshi)

प्रारम्भिक परीक्षा मिस्कोफस कालेशी (Miscophus kaleshi)
मुख्य परीक्षा सामान्य अध्ययन, पेपर-3 (जैव-विविधता)

संदर्भ

भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के एक वैज्ञानिक द्वारा पश्चिमी घाट में डिगर ततैया (Digger Wasp)की एक नई प्रजाति 'मिस्कोफस कालेशी' को खोजा गया है।

Miscophus-kaleshi

प्रमुख बिंदु :-

  • नई प्रजाति की खोज गिरीश कुमार के नेतृत्व में भारतीय प्राणी सर्वेक्षण और कालीकट विश्वविद्यालय की एक समर्पित टीम के सहयोगात्मक प्रयासों से की गई है।
  • इस नई ततैया प्रजाति को डॉ कलेश एस के नाम पर 'मिस्कोफस कालेशी' नाम दिया गया है।

ततैया (wasp) :-

wasp

  • यह हाइमनोप्टेरा वर्ग का कीट प्रजाति है। 
  • यह मधुमक्खी की तरह ही दिखता है। 
  • इसे ततैया,बरैया,गंधेली तथा उत्तर भारत में हाड़ा आदि नामों से भी जाना जाता है। 
  • इनकी 4 अलग-अलग अवस्थाएँ होती हैं - अंडा, लार्वा, प्यूपा और वयस्क। 
  • अंडे छोटे, सफेद और बेलनाकार होते हैं। 
  • लार्वा बिना पैरों के, सफेद रंग के और ग्रब जैसे होते हैं। 
  • प्यूपा पंखहीन, कोकून जैसी अवस्था है। 

ततैया के प्रकार:-

  • इसको तीन समूहों सामाजिक ततैया, एकान्त ततैया और परजीवी ततैया के रूप में वर्गीकृत किया गया है। 

पर्यावास :-

  • यह आवासीय स्थानों और घरों की दीवारों तथा पेड़ों पर छत्ता बना कर रहते हैं। 
  • इनकी कुछ प्रजातियां अपने घोंसले जमीन के ऊपर या नीचे बनाकर रहती  हैं।

विशेषता :-

  • इसमें एक अण्डें देने वाली रानी होती है और अन्य सभी ततैयें कर्मी होते हैं। 
  • ततैयों की मादाएँ अन्य कीटों को डंक मारकर उनके मूर्छित शरीरों में अण्डें देती हैं, जिनसे शिशु निकलने पर वे उस कीट को खा जाते हैं। 
  • इस कारणवश कृषि में कई फ़सल का नाश करने वाले कीटों की रोकथाम में ततैयों का महत्वपूर्ण पारिस्थितिक योगदान होता है।

डॉक्टर कलेश:-

Doctor-Kalesh

  • इन्होंने पश्चिमी घाट में तितलियों, चींटियों, ओडोनेट्स, सिकाडस और मेंटिस की वर्गीकरण पर शोध किया है।
  • डॉ. कलेश ने लगभग 28 नई प्रजातियों की खोज की है। 
  • इसमें श्रीविल्लिपुत्तूर मेगामलाई टाइगर रिजर्व से सिल्वरलाइन तितली (सिगरेटिस मेघामलाईएंसिस) की एक नई प्रजाति की हालिया खोज भी शामिल है।
  • डॉ. कलेश वर्तमान में त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत हैं तथा  
  • पश्चिमी घाट में अनुसंधान गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। 
    • त्रावणकोर नेचर हिस्ट्री सोसाइटी (TNHS) - एक गैर सरकारी संगठन जो दक्षिणी पश्चिमी घाट में अध्ययन करता है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न : मिस्कोफस कालेशी (Miscophus kaleshi) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. यह डिगर ततैया (Digger Wasp)की एक नई प्रजाति है।
  2. इस नई प्रजाति की खोज भारतीय प्राणी सर्वेक्षण और कालीकट विश्वविद्यालय की एक समर्पित टीम के सहयोगा किया गया है।
  3. इस नई ततैया प्रजाति को डॉ कलेश के नाम पर 'मिस्कोफस कालेशी' नाम रखा गया है।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

(a) केवल एक 

(b) केवल दो

(c) सभी तीन 

(d) कोई भी नहीं  

उत्तर (c)

स्रोत : THE NEW INDIAN EXPRESS

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR