New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 3rd Aug 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 3rd Aug 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

भारतीय मातृभाषा सर्वेक्षण

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, गृह मंत्रालय ने देश की 576 भाषाओं की फील्ड वीडियोग्राफी के साथ भारतीय मातृभाषा सर्वेक्षण (MTSI) का कार्य पूरा किया।

भारतीय मातृभाषा सर्वेक्षण के बारे में

  • भारतीय मातृभाषा सर्वेक्षण उन मातृभाषाओं का सर्वेक्षण करने वाली एक परियोजना है जिनका विवरण लगातार दो या अधिक जनगणना दशकों में उल्लिखित होता हैं। यह चयनित भाषाओं की भाषाई विशेषताओं का दस्तावेजीकरण भी करता है।
  • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) तथा राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) ऑडियो-वीडियो फाइल्स में सर्वेक्षण की गई मातृभाषाओं के भाषाई डाटा का दस्तावेजीकरण व संरक्षण करेंगे। मातृभाषाओं के वीडियो-ग्राफी किये गए भाषा डाटा को संग्रह के उद्देश्य से एन.आई.सी. पर भी अपलोड किया जाएगा। 
  • गृह मंत्रालय की वर्ष 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट में प्रत्येक स्थानीय मातृभाषा की मूल विशेषताओं को संरक्षण और विश्लेषण करने के लिये राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र में एक वेब संग्रहालय स्थापित करने की योजना का उल्लेख किया गया है।

भारत में मातृभाषाएँ

  • वर्ष 2018 में 2011 की भाषाई जनगणना के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, भारत में 19,500 से अधिक भाषाएँ या बोलियाँ मातृभाषा के रूप में बोली जाती हैं।
  • भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त ने पूर्व में कहा था कि 19,569 विवरणों की भाषाई जांच, संपादन और युक्तिकरण के बाद उन्हें 121 मातृभाषाओं में बांटा गया था।
  • वर्ष 2011 की भाषाई जनगणना के अनुसार, हिंदी सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली मातृभाषा है जिसे 52.8 करोड़ लोगों (43.6%) द्वारा बोला जाता हैं। इसके बाद दूसरा स्थान बंगाली का है जिसका 9.7 करोड़ लोगों (8%) द्वारा मातृभाषा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 

प्राथमिक शिक्षा में मातृभाषा

  • विगत माह शिक्षा के मूलभूत चरणों के लिये शुरू किये गए नए ‘राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा’ (NCF) ने सिफारिश की है कि आठ वर्ष तक के बच्चों के लिये स्कूलों में मातृभाषा शिक्षा का प्राथमिक माध्यम होना चाहिये।
  • शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा पर ध्यान केंद्रित करना, विशेष रूप से प्राथमिक स्कूली शिक्षा के लिये, वर्षों से शिक्षा नीतियों की एक विशेषता रही है।
  • नया एन.सी.एफ., जो प्री-स्कूल और कक्षा 1-2 से संबंधित है, शिक्षा के प्राथमिक माध्यम के रूप में मातृभाषा की विशेषताओं पर जोर देते हुए कहता है कि जब तक बच्चे प्री-स्कूल में प्रवेश लेते हैं, तब तक वे ‘घरेलू भाषा’ में महत्त्वपूर्ण योग्यता हासिल कर लेते हैं।
  • एन.सी.एफ. के अनुसार, अनुसंधान से प्राप्त निष्कर्ष प्रारंभिक वर्षों के दौरान बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाने के महत्त्व की पुष्टि करते हैं।
  • चूँकि बच्चे अपनी घरेलू भाषा में अवधारणाओं को सबसे तेजी से और गहराई से सीखते हैं, इसलिये शिक्षा का प्राथमिक माध्यम बच्चे की घरेलू भाषा/मातृभाषा होनी चाहिये।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR