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नासा का सूर्या एआई

चर्चा में क्यों ?

नासा ने हाल ही में ‘सूर्या’ नामक एक उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मॉडल लॉन्च किया है, जो अंतरिक्ष मौसम की भविष्यवाणी में क्रांति लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रमुख बिंदु

  • इसे IBM के साथ मिलकर विकसित किया गया।
  • इसे नौ वर्षों के सोलर डायनेमिक्स ऑब्ज़र्वेटरी (SDO) डेटा पर प्रशिक्षित किया गया है। 
  • सूर्या सौर ज्वालाओं और विस्फोटों का प्रारंभिक और सटीक पूर्वानुमान प्रदान करता है,
    • जो पृथ्वी पर उपग्रहों, बिजली ग्रिड, विमानन और GPS प्रणालियों को प्रभावित कर सकते हैं।

अंतरिक्ष मौसम और उसके प्रभाव

  • अंतरिक्ष मौसम मुख्यतः सौर ज्वालाओं और कोरोनाल मास इजेक्शन (CMEs) जैसी घटनाओं से उत्पन्न होता है। 
  • ये घटनाएँ आवेशित कण और चुंबकीय ऊर्जा छोड़ती हैं, जो सौर मंडल से होकर पृथ्वी तक पहुँचती हैं। इसके प्रभाव में शामिल हैं:
    • उपग्रहों की प्रणाली को नुकसान पहुँचाना
    • बिजली ग्रिड में व्यवधान
    • विमानन मार्गों में बाधा
    • अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जोखिम
  • इसलिए आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा के लिए सौर गतिविधियों की सटीक भविष्यवाणी बेहद आवश्यक है।

सूर्या - सौर पूर्वानुमान के लिए AI मॉडल

  • सूर्या विशाल सौर डेटा सेट का विश्लेषण करने के लिए मशीन लर्निंग का उपयोग करता है। 
  • पारंपरिक मॉडलों के विपरीत,यह सूक्ष्म सौर गतिविधियों का पता लगाता है
  • विस्फोटों की दो घंटे पहले तक सटीक भविष्यवाणी करता है
  • इससे पूर्वानुमान की सटीकता और समय में सुधार होता है, 
    • इससे अंतरिक्ष मौसम के खतरों के विरुद्ध बेहतर तैयारी संभव होती है। 
  • नासा ने इसको ओपन-सोर्स बनाया है,
    • इससे वैश्विक शोधकर्ता इसे इस्तेमाल कर नई तकनीक और अनुप्रयोग विकसित कर सकें।

तकनीकी चुनौतियाँ और नवाचार

  • सूर्य की जटिलता विभिन्न पैमानों और अवधियों पर घटित होने वाली घटनाओं से उत्पन्न होती है।
  • पारंपरिक मॉडल गणना संबंधी सीमाओं के कारण इस प्रणाली को पूरी तरह नहीं पकड़ पाते थे। 
  • सूर्या में शामिल नवाचार हैं:
    • स्पेक्ट्रल ब्लॉक परतें और लंबी-छोटी ट्रांसफार्मर रीढ़ का उपयोग
    • स्मृति संबंधी सीमाओं को पार करना
    • आवृत्ति-जागरूकता को समय-श्रृंखला मॉडलिंग के साथ मिलाना
    • इन तकनीकी नवाचारों ने सूर्या को सूर्य की गतिविधियों की सटीक और समयबद्ध भविष्यवाणी करने में सक्षम बनाया।

वैज्ञानिक उपयोग के मामले

  • सूर्या ने कई परीक्षणों और अध्ययन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:
  • 2015 के सेंट पैट्रिक दिवस के भू-चुंबकीय तूफान की सटीक पुनरावृत्ति
  • सक्रिय क्षेत्र उद्भव की भविष्यवाणी
  • तीव्र सौर ज्वालाओं की पूर्वानुमान
  • चार दिन पहले तक सौर वायु की गति का अनुमान
  • चरम पराबैंगनी स्पेक्ट्रम की भविष्यवाणी
  • सूर्या ने ज्वालाओं की भविष्यवाणी में पारंपरिक मॉडलों की तुलना में 16% तक बेहतर प्रदर्शन किया।

सहयोगात्मक विकास और वैश्विक अनुसंधान

  • सूर्या परियोजना ने नासा केंद्रों,विश्वविद्यालयों, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञों को एकजुट किया। 
  • इस परियोजना में AI और हीलियोफिजिक्स विशेषज्ञता का मिश्रण महत्वपूर्ण था।
  • राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (NSF) और एनवीडिया ने इसका समर्थन किया
  • ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क वैश्विक अनुसंधान को बढ़ावा देने और अंतरिक्ष मौसम के प्रति लचीलापन बढ़ाने का लक्ष्य रखता है 

प्रश्न. सूर्या मॉडल को विकसित करने में नासा ने किस कंपनी के साथ साझेदारी की ?

(a) माइक्रोसॉफ्ट

(b) टेस्ला

(c) IBM

(d) गूगल

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