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डायनासोर की नई प्रजाति की खोज

नेचर जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, शोधकर्ताओं ने मंगोलिया में डायनासोर की एक नई प्रजाति ‘खानखुउलू मंगोलियन्सिस’ की खोज की है।

नई प्रजाति के बारे में 

  • नाम : खानखुउलू मंगोलियन्सिस (Khankhuuluu mongoliensis)
  • अवशेषों की खोज : इस प्रजाति के कंकाल मंगोलिया के गोबी रेगिस्तान में वर्ष 1972-73 में खोजे गए थे।
    • हालाँकि, इन अवशेषों की पहचान गलत रूप से डायनासोर की एक अन्य अस्पष्ट प्रजाति ‘एलेक्ट्रोसॉरस ओल्सोनी’ के रूप में की गई थी।
    • इस गलत पहचान के बाद हड्डियों को एक संग्रहालय में रख दिया गया और लगभग 50 वर्षों तक वे अपेक्षाकृत अछूती रहीं।
    • वर्ष 2023 में प्रारंभ किए गए शोध में शोधकर्ताओं द्वारा पुन: जाँच करने पर इस नई प्रजाति का पता चला है।

हालिया शोध अध्ययन के निष्कर्ष

  • 86 मिलियन वर्ष पुराने प्राप्त कंकाल एक ऐसी प्रजाति के हैं जो अभी तक ज्ञात टायरानोसॉरस कुल (Tyrannosaur family) का निकटतम ज्ञात पूर्वज है। 
    • टायरानोसॉरस कुल डायनासोर शिकारियों का वह समूह जिसमें विख्यात टी.रेक्स (T.rex) शामिल है।
  • नई प्रजाति का आकार सामान्य से छोटा था और ये दो पैरों पर भागते थे। 
  • यह तेज़-तर्रार शिकारी थे, जो अन्य शीर्ष शिकारी डायनासोरों की छाया में रहते थे।
  • इसका वजन लगभग 750 किग्रा. रहा होगा, जबकि एक वयस्क टी.रेक्स का वजन इससे आठ गुना अधिक हो सकता है। 
  • इन डायनासोरों का समूह उत्तरी अमेरिका एवं एशिया के बीच आवागमन करने में सक्षम था, उस समय साइबेरिया व अलास्का को जोड़ने वाले भूमि पुलों के माध्यम से जुड़े थे, जिससे उन्हें अलग-अलग स्थानों को खोजने और उन पर कब्जा करने में भी मदद मिली।
  • महाद्वीपों के बीच होने वाली इस आवाजाही ने लाखों वर्षों में मूल रूप से विभिन्न टायरानोसॉर समूहों के विकास को गति दी।

खोज का महत्त्व 

  • शोधकर्ताओं ने इस प्रजाति का नाम ‘खानखुउलू मंगोलिएन्सिस’ रखा, जिसका अर्थ है ‘मंगोलिया का ड्रैगन राजकुमार’ (छोटे आकार के कारण)।
  • यह प्रजाति जुरासिक काल के दौरान घूमने वाले छोटे शिकारियों से लेकर टी.रेक्स सहित दुर्जेय विशालकाय डायनासोर तक एक विकासवादी बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है।
  • इससे शोधकर्ताओं को टायरानोसॉर कुल के वंश क्रम को संशोधित करने और इनके विकासक्रम के बारे में जो कुछ भी जानते हैं उसे पुनः लिखने में मदद मिल सकती है।
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