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निमेसुलाइड

हाल ही में, केंद्र सरकार ने औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 26ए के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से 100 मिलीग्राम से अधिक मात्रा में निमेसुलाइड (Nimesulide) युक्त ओरल फॉर्मूलेशन (Oral Formulations) के निर्माण, बिक्री एवं वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

निमेसुलाइड (Nimesulide) के बारे में 

  • निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (NSAID) है जिसका उपयोग मुख्य रूप से तीव्र दर्द और बुखार के अल्पकालिक उपचार में किया जाता है। यह शरीर में दर्द एवं सूजन (इंफ्लेमेशन) उत्पन्न करने वाले रासायनिक कारकों की क्रिया को बाधित करके प्रभाव दिखाती है। 
  • यह एक प्रिस्क्रिप्शन (Prescription) आधारित दवा है जो मुख्य रूप से अल्पकालिक, द्वितीय-पंक्ति उपचार (जब अन्य दवाएँ विफल हो जाती हैं) के लिए अभिप्रेत है क्योंकि इससे यकृत विषाक्तता की संभावना रहती है।
  • निमेसुलाइड को तीव्र दर्द के उपचार, दर्दनाक ऑस्टियोआर्थराइटिस में लक्षणों से राहत और प्राइमरी डिसमेनोरिया (Primary dysmenorrhea) के साथ-साथ 12 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में बुखार, तीव्र टेंडिनाइटिस एवं दंत शल्य चिकित्सा के बाद होने वाले दर्द के प्रबंधन के लिए अनुमोदित किया गया है।

औषधीय विशेषताएँ

  • औषधीय वर्ग: नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (NSAID)
  • क्रियाविधि: सूजन से जुड़े रासायनिक मैसेंजर को रोककर प्रोस्टाग्लैंडिन के संश्लेषण को अवरुद्ध करती है।
  • चिकित्सीय उपयोग: दर्द एवं बुखार के अल्पकालिक प्रबंधन हेतु
  • सामान्य दुष्प्रभाव: उल्टी, दस्त तथा लिवर एंजाइम स्तर में वृद्धि
  • ज्ञात जोखिम: विशेष रूप से अधिक खुराक या लंबे समय तक सेवन करने पर यकृत विषाक्तता की आशंका

प्रतिबंध के कारण

  • 100 मिलीग्राम से अधिक मात्रा वाली ओरल निमेसुलाइड दवाओं को मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण, विशेषकर यकृत से संबंधित गंभीर दुष्प्रभावों से जुड़ा पाया गया है।
  • बाजार में दर्द निवारण के लिए अधिक सुरक्षित वैकल्पिक दवाएँ उपलब्ध हैं।
  • यह प्रतिबंध धारा 26ए के तहत लगाया गया है जो केंद्र सरकार को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक दवाओं पर रोक लगाने का अधिकार प्रदान करती है।  

प्रतिबंध का महत्व 

  • यह कदम भारत में औषधि सुरक्षा नियमन और फार्माकोविजिलेंस प्रणाली को और सुदृढ़ करता है।
  • रोगियों में दवा से होने वाली यकृत क्षति के जोखिम को कम करने में सहायक होगा।
  • साथ ही, यह दवाओं के तर्कसंगत उपयोग और सुरक्षित खुराक मानकों के पालन को बढ़ावा देता है।

क्या आप जानते हैं?

निमेसुलाइड को सबसे पहले 1985 में इटली में मंज़ूरी मिली थी और अभी यह 50 से अधिक देशों में उपलब्ध है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया ने 1995 में निमेसुलाइड को मंज़ूरी दी थी।

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