केंद्र सरकार की पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रेवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (PM E-DRIVE) योजना के अंतर्गत केरल राज्य माल ढुलाई के विद्युतीकरण को गति देने की दिशा में अहम पहल कर रहा है।
इसी क्रम में राज्य राष्ट्रीय राजमार्ग-66 (NH-66) के एक मॉडल इलेक्ट्रिक ट्रक (ई-ट्रक) कॉरिडोर विकसित करने की संभावना तलाश रहा है।
ई-ट्रक इकोसिस्टम पर कार्यशाला का आयोजन
इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए केरल राज्य विद्युत बोर्ड ने इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन के सहयोग से तिरुवनंतपुरम में ‘पीएम ई-ड्राइव योजना के साथ ई-ट्रक इकोसिस्टम को बढ़ावा देना’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। वस्तुतः इस कार्यशाला का लक्ष्य केरल को ई-ट्रक क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना था।
विभिन्न जीवन-चक्र अध्ययनों से स्पष्ट हुआ है कि ई-ट्रक कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं जिससे वे माल परिवहन को कार्बन-मुक्त बनाने की एक प्रमुख तकनीक बनकर उभरे हैं।
आँकड़ों के अनुसार, भारत को 2030 तक लगभग 9 गीगावाट और 2050 तक करीब 170 गीगावाट उच्च क्षमता वाले चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होगी। माल ढुलाई का विद्युतीकरण भारत के नेट-ज़ीरो परिवहन लक्ष्यों का एक मूल आधार है।
पीएम ई-ड्राइव योजना
भारत सरकार द्वारा 2024 में दो वर्षों की अवधि के लिए 10,900 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रेवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (पीएम ई-ड्राइव) योजना अधिसूचित की गई।
यह योजना उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करती है जो इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को अग्रिम सब्सिडी प्रदान करने पर केंद्रित है।
इस योजना के तहत ई-2डब्ल्यू, ई-3डब्ल्यू, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक खरीदने वालों को सब्सिडी प्रदान करने के लिए कुल 3,679 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के अलावा अन्य प्रावधान किए गए हैं-
14,028 ई-बसों के लिए 4,391 करोड़ रुपए का आवंटन
ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए 2,000 करोड़ रुपए का आवंटन
परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन के लिए 780 करोड़ रुपए का आवंटन